कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में एके-47 से हुई फायरिंग की घटना को लेकर 19 अगस्त को राजभवन मार्च करने का ऐलान किया है। इस बीच आज रविवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि, 19 अगस्त को हम लोग राजभवन मार्च करेंगे। सीवान में जो एके-47 से छात्रों पर गोली चलाई गई। इसको लेकर ही हमारा मार्च है। सरकार ने अभी तक इस मामले में किसी भी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की है।
किसके आदेश पर चलाई गई गोलियां?
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए पूछा कि, आखिर क्या मामला है? सिवान में जो घटना घटी, वो आपने देखा होगा। AK47 चलाया गया। छात्र अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं और उन पर गोलियां चलाई जा रही है। किसने गोली चलाने का यह आदेश दिया? क्यों नहीं वहां के पुलिस कप्तान पर कारवाई हुई? ये एक सवाल है। इसको लेकर दिल्ली में हम सभी ने तय किया कि 19 अगस्त को मार्च करेंगे और गवर्नर को अपनी बात बताएंगे। उन्होंने कहा कि, ये राजभवन मार्च राजद का है। अगर कोई छात्र संगठन साथ आते हैं, तो देखा जाएगा। बाहर से कोई नेता इसमें नहीं बुलाए गए हैं।
डीजीपी से की थी मुलाकात
तेजस्वी ने कहा कि, इससे पहले भी हम लोगों की DGP से मुलाकात हुई थी। पहले भी हम लोगों ने सरकार से पूछा था कि इसका जिम्मेवार कौन है? अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसमें सिर्फ एक सिपाही को बर्खास्त किया गया है, लेकिन अभी तक न तो SP का निलंबन हुआ है और न ही कोई बड़ी कार्रवाई हुई है।
रोजगार का भी मुद्दा उठाया, पीएम को घेरा
इस दौरान तेजस्वी यादव ने रोजगार का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा सरकार ने किया है। उन वादों का क्या हुआ? अभी तक कितने युवाओं को नौकरी दी गई है? कुछ नहीं किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान जो आंदोलन करते हैं, उसे खालिस्तानी कहते हैं। अब उन्होंने एक नया शब्द गढ़ा है। पीएम मोदी जेन-जी को नक्सल दिमाग कह रहे हैं। जो जेन-जी हैं, वे पेपर लीक को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। क्या किया इन लोगों ने? कोई गारंटी दे पाए हैं कि अगला एग्जाम जो होगा पेपर लीक नहीं होगा। ये सिर्फ और सिर्फ ढकोसला करते हैं।
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