नीट पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) और विपक्ष लगातार शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े हुए है. पीएम मोदी की ओर से शुक्रवार देर रात को परीक्षा सम्बन्धी सुधारो को लेकर ठोस कदम उठाने की बात कहने के बावजूद दोनों अपनी मांग पर बने हुए हैं. इसी को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों ने शुक्रवार को भी संसद में प्रदर्शन किया. कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने संसद परिसर में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मांग वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान इस्तीफा दो. उधर, जंतर मंतर पर भी कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध-प्रदर्शन जारी है. CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा.
CJP का ऐलान- शिक्षामंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, जंतर-मंतर पर हमारा धरना जारी रहेगा. हमें बहुत राहत मिली है कि सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि उन्हें 26 दिन से ज्यादा हो गए थे. देश के लिए उनकी जान वाकई बहुत कीमती है. आज केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक पर दिपके ने कहा, बैठक किसी न्यूट्रल जगह पर होगी. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है.
संसद परिसर में प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन और सरकार के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. संसद के मकर द्वार के निकट आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए.
उन्होंने वी वांट जस्टिस (हमें न्याय चाहिए) के नारे लगाए. CPI (M) के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, विपक्ष की मांग बहुत स्पष्ट है. हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी जवाबदेही की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने एक व्यक्ति को उच्च शिक्षा सचिव बनाया है जिस पर घोटाले का आरोप है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जब बीमारी रूट में है तो फ्रूट के इलाज से कोई नहीं माननेवाला. देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है. नाम तो सुना होगा बीजेपी.
दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. राज्यसभा का भी यही हाल रहा.
कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) का जिक्र किया और सभा ने कारगिल संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य बलों के कर्मियों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी. इसके बाद, विपक्षी सदस्य नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनसे प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद वह सदस्यों को उनकी बात रखने का अवसर देंगे. बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलाने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा, प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. सदस्य सरकार से सवाल पूछते हैं और जवाबदेही तय करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नकाल के बाद किसी भी विषय पर नियमों के तहत चर्चा करने की अनुमति दी जाएगी. सदन में हंगामा थमते न देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


