Fake Number Plate Case : हिसार। हरियाणा के हिसार में एक कार मालिक उस समय हैरान रह गया, जब उसकी गाड़ी घर पर खड़ी होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश के मंडी से लगातार ट्रैफिक चालान के संदेश आने लगे। शुरुआत में मामला समझ से बाहर था, लेकिन जब पुलिस ने इसकी पड़ताल की तो एक ऐसी सच्चाई सामने आई, जिसने पूरे मामले को ही पलट दिया।
दरअसल, हिसार निवासी सोमपाल की रेनाल्ट डस्टर का नंबर HR-26-BY-5790 है। सोमपाल की कार उनके घर पर ही मौजूद थी। इसके बावजूद मंडी से उसी नंबर के आधार पर चालान जारी होने लगे। परेशान वाहन मालिक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और अपने वाहन से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराए।
मामले की जांच के दौरान शुक्रवार देर शाम मंडी पुलिस ने नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक टाटा गाड़ी का ऑनलाइन चालान किया। वाहन का नंबर सिस्टम में दर्ज करते ही पुलिस को कुछ गड़बड़ नजर आई। रिकॉर्ड में यह नंबर रेनाल्ट डस्टर के नाम पर दर्ज था, जबकि मौके पर इसी नंबर की प्लेट लगी दूसरी कंपनी की गाड़ी खड़ी थी।
पुलिस ने टाटा वाहन के चालक से उसके दस्तावेज मांगे। हालांकि, वह गाड़ी की आरसी समेत जरूरी कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक वाहन मालिक सोमपाल से संपर्क किया। सोमपाल ने अपनी डस्टर की आरसी और दूसरे दस्तावेज पुलिस को सौंपे, जिनकी जांच में वे सही पाए गए।
जांच आगे बढ़ी तो साफ हुआ कि हिसार में मौजूद डस्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल मंडी में दूसरी गाड़ी पर किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध टाटा वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि टाटा गाड़ी पर किसी दूसरी कार का नंबर लगाने के पीछे क्या मकसद था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल केवल चालान से बचने के लिए किया गया या इसके पीछे वाहन चोरी अथवा किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क है।
मंडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने मामले की पुष्टि की है। पुलिस अब जब्त वाहन के दस्तावेज, चालक की भूमिका और फर्जी नंबर के इस्तेमाल से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



