चर्चित अभया केस में जांच अब एक बार फिर तेज हो गई है। पनिहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष को ओडिशा से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। अभया के पिता की हालिया शिकायत में निर्मल घोष का नाम प्रमुखता से सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। गिरफ्तारी के बाद मामले ने राजनीतिक और जांच, दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ा दी है।
अभया के पिता की शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR
अभया के पिता ने सोमवार को खरदह थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नई एफआईआर दर्ज की। इसमें बेटी की मौत के बाद शव को परिवार से कथित तौर पर अलग रखने, अंतिम संस्कार में जल्दबाजी और प्रभाव के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
परिवार का आरोप है कि उन्हें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में पर्याप्त रूप से शामिल नहीं होने दिया गया। इन आरोपों के चलते अब पुलिस का फोकस मौत के साथ-साथ उसके बाद हुई घटनाओं पर भी है।
पनिहाटी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार सवालों के घेरे में
मामले में सबसे अहम कड़ी पनिहाटी श्मशान घाट में हुए अंतिम संस्कार को माना जा रहा है। आरोप है कि अभया के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और किसके निर्देश या प्रभाव में घटनाक्रम आगे बढ़ा।
दूसरे पोस्टमार्टम को लेकर भी आरोप
अभया के पिता की शिकायत में आरोप लगाया गया कि तत्कालीन विधायक निर्मल घोष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर दूसरे पोस्टमार्टम को रोकने की कोशिश की। हालांकि, ये फिलहाल आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। मामले से जुड़े दस्तावेजों और चार्जशीट में भी अंतिम संस्कार के दौरान कथित अनियमितताओं तथा प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े सवालों का उल्लेख सामने आया है।
बेटे की गिरफ्तारी से भी जुड़ा है नाम
निर्मल घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को भी इससे पहले 13 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी चुनाव बाद हिंसा और लॉटरी से जुड़े मामलों में हुई थी। निर्मल घोष की नई गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार से जुड़े पुराने मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है।
दोबारा जांच से बढ़ी हलचल
अभया की दूसरी बरसी पर पनिहाटी में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मामले की दोबारा जांच की मांग और प्रक्रिया सामने आई थी। इसके बाद पुलिस को अलग से जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिए जाने की बात सामने आई। अब निर्मल घोष की गिरफ्तारी ने इस पूरे प्रकरण को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
अभया केस में अब जांच का सबसे बड़ा केंद्र यही है कि अंतिम संस्कार के दौरान वास्तव में क्या हुआ, किसकी भूमिका थी और क्या किसी प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया से ही स्पष्ट होंगे।
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