लखनऊ. राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित उस चार मंजिला भवन पर शनिवार सुबह बुलडोजर चलना शुरू हो गया, जिसमें 22 जून को भीषण आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अवैध घोषित की गई इस इमारत को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी.
सुबह करीब 7:30 बजे एलडीए के 45 अधिकारी और कर्मचारी तीन बुलडोजर तथा एक हाइड्रोलिक मशीन के साथ मौके पर पहुंचे. सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आसपास की सड़कों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई.
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भारी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ ध्वस्तीकरण
एलडीए की टीम ने सुबह से ही इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया. अधिकारियों के अनुसार पूरी बिल्डिंग को जमींदोज करने में पूरे दिन का समय लग सकता है. ध्वस्तीकरण के दौरान आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो. प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मशीनों की मदद से चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की.
मालिक के वकील ने उठाए सवाल
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला के वकील राजेंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने दावा किया कि एलडीए ने 25 जुलाई तक का समय दिया था, फिर उसी दिन कार्रवाई शुरू करना उचित नहीं है. उनका कहना है कि ध्वस्तीकरण का अलग से कोई आदेश उन्हें नहीं दिया गया और केवल नोटिस के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती देने की बात कही.
15 मौतों के बाद जांच में खुली बड़ी लापरवाही
22 जून को इसी इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित एनिमेशन कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई थी. हादसे में 15 लोगों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि पांच लोगों ने पाइप और बिजली के तारों के सहारे किसी तरह अपनी जान बचाई थी. एक युवक दूसरी मंजिल से कूद गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया. हादसे के बाद एलडीए की जांच में सामने आया कि रिहायशी भवन का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था.
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अवैध निर्माण पर LDA का सख्त रुख
जांच के बाद एलडीए ने भवन मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था. इसके बाद 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करते हुए स्वयं भवन गिराने का निर्देश दिया गया. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद शनिवार को एलडीए ने खुद कार्रवाई शुरू कर दी. प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.


