लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की. उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए राम मंदिर, राम पथ, धर्म पथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन को अयोध्या में आए बदलाव का हिस्सा बताया. योगी ने कहा कि बढ़ते पर्यटन से व्यापार को संबल और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं.

अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति है. किंतु वर्ष 2017 से पहले यह दिव्य नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने के लिए विवश थी. श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन, नगर की व्यवस्थाएं जर्जर और स्थानीय परिवारों की संभावनाएं सीमित थीं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में अयोध्या जी की प्राचीन गरिमा को आधुनिक विकास का नया विस्तार मिला है. भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर से लेकर राम पथ, धर्म पथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन तक, हर निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा एवं राम नगरी के गौरव से जुड़ा है. इस परिवर्तन का प्रकाश अयोध्या वासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा है. बढ़ता पर्यटन, व्यापार को संबल दे रहा है, नए अवसर युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं और स्थानीय परिवार समृद्धि की नई आशाएं संजो रहे हैं.

कभी विकास की प्रतीक्षा करती अयोध्या आज अपनी विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है. असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का यह केंद्र आज ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक चेतना और समृद्धि का उज्ज्वल प्रतीक बन गया है.

शिखिल ब्योहार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के नामांकन को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की उम्मीदवारी और नामांकन प्रक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए बीजेपी पर जोरदार सियासी प्रहार करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

‘उत्तर प्रदेश में नहीं मिला टिकट तो एमपी आ गए’

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने तीखे अंदाज में तंज कसते हुए कहा कि हरदीप पुरी जी को उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए वहां से टिकट तक नसीब नहीं हुआ, जिसके बाद वे मुंह उठाकर सीधे मध्य प्रदेश टपक पड़े। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के बाद केंद्रीय मंत्री मीडिया से छुपते-छुपाते और चोरों की तरह नॉमिनेशन भरने पहुंचे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनका दामन पूरी तरह साफ है, तो मीडिया और जनता के सवालों से इस तरह का खौफ किस बात का है?

सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष पर भी साधा निशाना

उमंग सिंघार ने राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष शर्म के मारे अपने ही उम्मीदवार को आगे तक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पार्टी की ऐसी कौन सी मजबूरी है, जिसके चलते आपको और आपके उम्मीदवार को मुंह छिपाकर भागना पड़ रहा है? प्रदेश की जनता अब इन तमाम बातों का सीधा जवाब मांग रही है।

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INDIA Bloc Ramlila Maidan Rally: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर आज विपक्ष (INDIA ब्लॉक) दिल्ली रामलीला मैदान में महारैली करेगा। रैली में में राहुल गांधी (Rahul Gandhi), मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) समेत विपक्ष के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। इस रैली में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता, छात्र संगठन और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन लोगों के अलावे कॉकरोच जनता पार्टी से अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke)-सौरव दास (Saurav Das) और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) शामिल होंगी। कांग्रेस का दावा है कि रैली में 10 लाख लोग जुटेंगे।

पिछले 25 दिनों में यह 7वां मौका है, जब विपक्षी दल SIR के खिलाफ एकजुट हुए हैं। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 दिनों में राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के नेताओं ने 6 बार प्रदर्शन किए थे।

रैली रैली कनॉट प्लेस से शुरू होकर मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। रैली को लेकर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) अलर्ट मोड में है। दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कंपनियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल को 14 जोन में बांटा गया है। जबकि निगरानी 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने इस रैली के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक के व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षाबलों की तैनाती मिंटो ब्रिज से कार्यक्रम स्थल तक के मार्च रूट और रामलीला मैदान पर है।

CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती
भीड़ को काबू करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग जिलों के पुलिसकर्मियों के साथ-साथ CAPF की कंपनियों को भी तैनात किया गया है। हाल ही में हुए कई विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इस महीने की शुरुआत में बुलाई गई CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती को तीसरी बार बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रामलीला मैदान के अंदर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा-रोधी वाहन और अन्य निगरानी उपकरण तैनात रहेंगे। कार्यक्रम स्थल के सभी 14 जोनों की देखरेख असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक के अधिकारी करेंगे। जबकि दो जोनों की निगरानी एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी करेंगे. वरिष्ठ अधिकारी इन सभी इंतजामों पर कड़ी नजर रखेंगे।

रैली से पहले राहुल गांधी की अपील

रैली से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक वीडियो मैसेज जारी कर रैली में शामिल होने वाले लोगों से अपील की कि प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी खरीदारी भी कीजिए – व्यापारियों का फायदा हो जाएगा। मैं जानता हूं, व्यापारियों को रैली नुकसान नहीं पहुंचाएगी। BJP डरी हुई है, इसलिए अफवाह फैला रही है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान में रैली के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कुछ रास्तों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई रूट डायवर्ट किए जा सकते हैं। आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट समेत कई प्रमुख चौराहों पर रास्तों में बदलाव किया जाएगा। लोगों को बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और देशबंधु गुप्ता रोड के आसपास के रास्तों से बचने की सलाह दी गई है.एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों की ओर जाने वाली एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी अपनी यात्रा पहले से तय करने की सलाह दी गई है।

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मुजफ्फरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र के साकेतपुरी मोहल्ले में 19 वर्षीय BBA के छात्र अस्मित कुमार का शव उसके किराए के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। मृतक छात्र मूल रूप से पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र का रहने वाला था और वैशाली इंस्टीट्यूट में BBA प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था। वह करीब तीन महीने पहले ही इस मोहल्ले में कमरा किराए पर लेकर रह रहा था।

​फोन न उठाने पर हुआ शक

​परिजनों के अनुसार, अस्मित की घर पर नियमित बातचीत होती थी। एक दिन पहले ही परिवार वालों से उसकी बात हुई थी और वह आगामी दिवाली पर घर आने की योजना बना रहा था। शनिवार सुबह जब परिजनों ने उसे फोन किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। लगातार कॉल करने पर भी जब फोन रिसीव नहीं हुआ, तो चिंतित पिता ने मकान मालिक को कमरे पर जाकर देखने को कहा। मकान मालिक जब वहां पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

​कमरे से मिली युवती की तस्वीर और मोबाइल जब्त

​घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और FSL (फॉरेसिंक साइंस लैब्स) की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक युवती की तस्वीर बरामद हुई है। हालांकि, मृतक के परिजनों ने उस युवती को पहचानने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस इस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही है, लेकिन तस्वीर और मौत के बीच के असली संबंध की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं, जिनकी मदद से कॉल डिटेल्स और तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेज दिया गया है।

प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगर उज्जैन के देवास रोड स्थित प्रतिष्ठित होटल श्री गंगा में शनिवार देर रात एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। होटल के वेस्टेज (कचरा) चैंबर की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आने और चैंबर में फंसने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।

चैंबर की सफाई के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, होटल श्री गंगा के दाईं ओर मिष्ठान, डेयरी उत्पाद और खाद्य सामग्री का वेस्टेज चैंबर बना हुआ है। शनिवार रात करीब 10:30 बजे कुछ कर्मचारी इस चैंबर की सफाई करने के लिए अंदर उतरे थे। बताया जा रहा है कि चैंबर की अधिक गहराई और वहां जमा वेस्टेज से निर्मित जहरीली गैस (Toxic Gas) की चपेट में आने से कर्मचारी अचेत हो गए और बाहर नहीं निकल पाए। चैंबर में कर्मचारियों के फंसने की खबर मिलते ही होटल के अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े। इस दौरान गैस के प्रभाव से कुछ अन्य कर्मचारी भी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इलेक्ट्रिक कटर से काटना पड़ा चैंबर का हिस्सा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एम्बुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुँचा। चैंबर संकरा होने और रेस्क्यू करने में भारी दिक्कतें आने के कारण प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए। इलेक्ट्रिक कटर से चैंबर का हिस्सा काटा गया, जिसके बाद अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला जा सका। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तुरंत अचेत कर्मचारियों को सीपीआर (CPR) देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारी

इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है।

कमलेश पिता सोहनलाल (निवासी- वाल्मीकि नगर, उज्जैन)
नितिन पिता ताराचंद (निवासी- वाल्मीकि नगर, उज्जैन)
वाहिद (निवासी- सोमवरिया, उज्जैन)
मनोज मीणा (निवासी- झालावाड़, राजस्थान)

सुरक्षा मानकों में कोई भारी लापरवाही

घटना की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत व बचाव कार्य की निगरानी की। पुलिस और प्रशासन की टीम ने वेस्टेज चैंबर के आसपास के पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है। प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि यह महज एक हादसा था या होटल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों में कोई भारी लापरवाही बरती गई थी। इस तरह के चैंबर निर्माण इकाइयों से निकलने वाले कचरे, चाशनी, घी-तेल और गंदे पानी को ड्रेनेज तक पहुँचाने का काम करते हैं। इनके जाम होने पर सफाई की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन बिना सुरक्षा उपकरणों के कर्मचारियों को उतारना इस बड़े हादसे का कारण बना।

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Haryana Women Vehicle Tax Discount : चंडीगढ़। हरियाणा में अब महिलाओं के नाम पर नई कार या बाइक खरीदने पर जेब का बोझ कुछ कम होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने महिलाओं को वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मोटर वाहन टैक्स में एक प्रतिशत की छूट देने का फैसला लागू कर दिया है। परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इस फैसले के बाद हरियाणा में महिलाओं के नाम पर खरीदे जाने वाले नए निजी वाहनों के पंजीकरण के दौरान टैक्स में राहत मिलेगी। छूट का लाभ उन्हीं वाहनों पर मिलेगा, जिनकी एक्स-शोरूम कीमत 20 लाख रुपये तक है और जिनका पंजीकरण हरियाणा में कराया जाएगा।

कार की कीमत के हिसाब से मिलेगी बचत

सरकार की ओर से दी गई छूट वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के एक प्रतिशत के बराबर होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई महिला 10 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत वाली कार खरीदती है तो उसे मोटर वाहन टैक्स में 10 हजार रुपये की राहत मिलेगी। वहीं, 20 लाख रुपये की कार पर यह बचत 20 हजार रुपये तक होगी।

यह छूट वाहन के पंजीकरण के समय लगने वाले मोटर वाहन टैक्स में दी जाएगी। इसका हिसाब ऑन-रोड कीमत के आधार पर नहीं होगा। बीमा, पंजीकरण से जुड़े अन्य खर्च और दूसरी फीस इस छूट में शामिल नहीं हैं।

किन वाहनों पर लागू होगा नियम?

यह रियायत केवल नए गैर-परिवहन वाहनों के लिए है। यानी निजी इस्तेमाल के लिए खरीदी जाने वाली कार और दोपहिया वाहन इसके दायरे में आएंगे। वाहन महिला के नाम पर खरीदा जाना चाहिए और उसका पंजीकरण हरियाणा में होना जरूरी है।

20 लाख रुपये से अधिक एक्स-शोरूम कीमत वाले वाहनों को इस विशेष छूट का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह व्यावसायिक इस्तेमाल वाले वाहनों पर भी यह रियायत लागू नहीं होगी।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना

महिलाओं को वाहन खरीद में राहत देने के इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 28 जुलाई को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई थी। अब परिवहन विभाग ने हरियाणा मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2016 के तहत पहले से जारी अधिसूचना में संशोधन कर इस छूट को लागू कर दिया है।

सरकार के इस फैसले से उन महिलाओं को सीधा फायदा होगा, जो अपने नाम पर नया निजी वाहन खरीदने और हरियाणा में उसका पंजीकरण कराने की योजना बना रही हैं।

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अमेरिका के अटलांटा में शनिवार को क्वाड की तीसरी बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जरूरी खनिजों और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने सहमति जताई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को क्वाड के लिए पसंद की आज़ादी, मज़बूत सप्लाई चेन और नॉन-मार्केट तरीकों के खिलाफ़ कार्रवाई को प्राथमिकता बताया.

क्वाड विदेश मंत्रियों की यह बैठक शनिवार को अटलांटा में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर आयोजित की गई. इसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की.

जयशंकर ने अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेते हुए कहा कि उन्होंने गैर-बाजारी गतिविधियों का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते आर्थिक दबावों से निपटने के तरीकों पर चर्चा की. अटलांटा में क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग के बाद X पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि  “इंडो-पैसिफिक में स्थिरता बनाए रखना, खुशहाली लाना और चुनने की आज़ादी पक्का करना हमारे लगातार कमिटमेंट हैं,” 

ये सारी बातें उन्होंने US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग के सामने रखी थीं.

इस साल हुई अपनी तीसरी बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भरोसेमंद AI तकनीक की पहुंच बढ़ाने के लिए 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तकनीकी मदद देने की इच्छा जताई.

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को ‘क्वाड’ देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने हिंद प्रशांत क्षेत्र में गैर-बाजार प्रथाओं का मुकाबला करने और बढ़ते आर्थिक दबावों के बारे में चर्चा की. चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भरोसेमंद AI तकनीक के लिए 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद देने का प्रस्ताव रखा.

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Haryana 60 Years : हरियाणा। एक नवंबर 1966 को देश के नक्शे पर हरियाणा ने अलग राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। उस समय प्रदेश के सामने विकास की कई चुनौतियां थीं। गांवों में कच्ची सड़कें थीं, शहरों में अस्पताल और कॉलेज सीमित थे और खेती ही अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार थी। अब 60 साल बाद हरियाणा की तस्वीर काफी बदल चुकी है। उद्योगों का विस्तार हुआ, शहरों का दायरा बढ़ा और शिक्षा, खेल तथा सरकारी सेवाओं में भी बदलाव देखने को मिला।

हरियाणा के इस छह दशक के सफर को उन तीन नेताओं ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया, जिनका जन्म भी वर्ष 1966 में हुआ था। पूर्व विधायक नैना चौटाला, सीमा त्रिखा और शशि रंजन परमार ने अपने बचपन और राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रदेश को किस तरह बदलते देखा।

हिसार में सुविधाएं थीं सीमित, अब बढ़े अस्पताल और शिक्षण संस्थान

पूर्व विधायक नैना चौटाला का जन्म 15 अक्टूबर 1966 को हिसार के दरौली गांव में हुआ था। उन्होंने बचपन के हिसार और आज के शहर के बीच आए अंतर को बताया। उनके मुताबिक, उस दौर में हिसार में एक ही अस्पताल था और कॉलेजों की संख्या भी बहुत कम थी। पढ़ाई और खेलकूद के अवसर सीमित थे।

नैना चौटाला खुद निशानेबाजी से जुड़ी रही हैं। उन्होंने बताया कि उस समय खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए आज जैसी सुविधाएं नहीं मिलती थीं। अब हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं। खेलों के क्षेत्र में प्रदेश की पहचान मजबूत हुई है।

उन्होंने गुरुग्राम और फरीदाबाद के विकास का भी जिक्र किया। कभी छोटे शहरों के रूप में पहचाने जाने वाले ये इलाके आज बड़े शहरी केंद्र बन चुके हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। नैना चौटाला ने महिलाओं की राजनीति में बढ़ती भागीदारी को भी बड़े सामाजिक बदलाव के रूप में देखा।

खेती के साथ उद्योगों ने भी बढ़ाए रोजगार के रास्ते

पूर्व विधायक सीमा त्रिखा के अनुसार, हरियाणा की पहचान लंबे समय तक खेती, सैनिकों और खेलों से जुड़ी रही। लेकिन छह दशक में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। कृषि के साथ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ीं और रोजगार के नए अवसर बने।

उन्होंने बताया कि दिल्ली से सटे होने का फायदा भी हरियाणा को मिला। राजधानी के आसपास होने के कारण प्रदेश में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों का विस्तार हुआ। दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में हरियाणा पहुंचे।

सीमा त्रिखा ने सरकारी सेवाओं में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, सरकारी कामकाज में तकनीक और डिजिटलीकरण का इस्तेमाल बढ़ा है। इससे लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में बदलाव आया है और बिचौलियों की भूमिका कम करने की कोशिश हुई है।

सड़क और नहरों के निर्माण ने बदली विकास की रफ्तार

पूर्व विधायक शशि रंजन परमार ने हरियाणा के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश विकास के कई मोर्चों पर पीछे था। उस समय सड़क, सिंचाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार बड़ी जरूरत थी।

परमार के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल में सड़कों और नहरों के निर्माण को गति मिली। इसके बाद आई सरकारों ने भी अपने-अपने समय में विकास कार्य किए। उनका मानना है कि आज का हरियाणा किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि अलग-अलग दौर में हुए प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने सरकारी व्यवस्था में आए बदलाव की ओर भी ध्यान दिलाया। पहले नौकरी और तबादले जैसे कामों के लिए नेताओं के पास लोगों की भीड़ लगती थी। अब सरकारी कामकाज में नियमों और नीतियों की भूमिका पहले से बढ़ी है।

छह दशक में गांवों से महानगरों तक पहुंचा हरियाणा

हरियाणा की 60 साल की यात्रा में खेती से उद्योगों तक, सीमित शैक्षणिक संस्थानों से बढ़ते शिक्षा केंद्रों तक और छोटे शहरों से बड़े शहरी इलाकों तक का बदलाव शामिल है। तीनों नेताओं के अनुभव बताते हैं कि प्रदेश ने बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, खेल और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्रों में लंबा सफर तय किया है। हालांकि, इस बदलाव के पीछे अलग-अलग समय की सरकारों और उनके फैसलों की भी भूमिका रही है।

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राकेश चतुर्वेदी की कलम से

पूर्व मुख्यमंत्री जैसा हाल होगा

पिछले दिनों मध्य प्रदेश में दो मंत्रियों की जोड़ी कुछ ज्यादा ही चर्चा में रही। वीडियो वायरल हुए तो किसी ने ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ गाने के साथ रील बना दी तो किसी ने ‘बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह’ से नई-नई दोस्ती की इस केमिस्ट्री को बयां किया। सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह सिलसिला मंत्रियों के दौरे तक पहुंच गया। वो जहां भी पहुंचे उनके वायरल वीडियो चर्चा का विषय बन ही जाते। एक जगह इसी दोस्ती पर चर्चा छिड़ी तो एक मंत्रीजी के मुंह से तपाक से निकल गया कि एक-दो साल में उन मंत्रीजी का भी वही हाल होने वाला है, जो पूर्व मुख्यमंत्री का हुआ है। बात का बतंगड़ बनता उससे पहले ही बोल पड़े कि ऐसा-वैसा मत समझिए। पूर्व मुख्यमंत्री से आशय भूतपूर्व मुख्यमंत्री से है।

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मंत्रीजी खतरे में हैं

कैबिनेट का विस्तार जब होगा तब होगा, लेकिन उससे पहले ही एक मंत्रीजी की कुर्सी खतरे के घेरे में बताई जा रही है। खबर है कि प्रदेश से लेकर दिल्ली तक इस पर मंथन भी हो चुका है और विकल्पों की फाइलें भी खुल चुकी हैं। यानी चर्चा सिर्फ “अगर” की नहीं, “कौन” की भी बताई जा रही है।

उधर मंत्रीजी भी हवा का रुख समझ रहे हैं। इसलिए बैलेंसिंग कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रही है। मुलाकातों का सिलसिला तेज है, संदेश भी जा रहे हैं और बचाव के सारे रास्ते भी टटोले जा रहे हैं। बताते हैं कि एक बार उन्हें इशारों-इशारों में खतरे की घंटी भी सुना दी गई थी. फैसला जल्द होगा या नए साल से पहले यह ऊपर वाले ही जानते हैं. यहां ऊपर वाले से मतलब आप जिसे समझ रहे हैं, वो नहीं बल्कि सत्ता के ऊपर वालों से है।

सैंपल वाली पार्टी

साहब को पार्टी देने का बड़ा शौक है। हर महीने, कभी-कभी महीने-सवा महीने में पार्टी दे ही देते हैं। खासियत यह है कि पार्टी अपने इलाके में ही होती है। ऐसे में बड़े शहरों में रहने वाले दोस्तों को परिवार सहित छोटे शहर के जिला मुख्यालय पर बुलाकर जोरदार डिनर कराया जाता है। लगातार एक ही इलाके में होने वाली इन पार्टियों की चर्चा अब दूर तक होने लगी है।

पार्टी का भी अपना एक तय प्रोटोकॉल है। आयोजन से कुछ दिन पहले साहब सैंपल कलेक्ट करने जाते हैं। किसी बड़े रेस्टोरेंट की रिपोर्ट ठीक-ठाक आए या सब कुछ सामान्य निकले तो दोस्तों के साथ डिनर का कार्यक्रम तय हो ही जाता है। डिनर पर पहुंचने के दौरान साहब के हाव-भाव भी बिल्कुल ड्यूटी वाले होते हैं। मैनेजर से लेकर स्टाफ को चेहरा पहचानने में देर नहीं लगती। फिर क्या, देखते ही देखते आवभगत शुरू हो जाती है। खातिरदारी में कोई कमी नहीं रहती।

अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि साहब की पहचान ही ‘सैंपल वाले साहब’ की है। लिहाजा पार्टी आलीशान होती है, मेहमान भी खास होते हैं और जब बिल की बारी आए तो नजर ही नहीं आता। यानी दोस्तों की दावत भी हो जाती है और जेब पर बोझ भी नहीं पड़ता।

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26 करोड़ की नई बिल्डिंग तैयार, खंडहर पर लाखों लुटा रहा विभाग

राजधानी भोपाल में सरकारी विभागों का अपना ही निराला अंदाज है। एक तरफ करीब 26 करोड़ रुपए की लागत से शानदार और हाईटेक बिल्डिंग बनकर तैयार खड़ी है। ऐसी बिल्डिंग, जहां विभाग का पूरा कामकाज बेहतर सुविधाओं के साथ आसानी से संचालित हो सकता है, लेकिन विभाग की दिलचस्पी देखिए कि करोड़ों खर्च कर बनाई गई नई इमारत का ताला खोलने के बजाय उसकी नजरें अब भी पुराने जर्जर भवन पर टिकी हैं।

चर्चा है कि पुराने भवन को दुरुस्त करने के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने की तैयारी चल रही है। यानी नई बिल्डिंग बनाने में करोड़ों खर्च कर दिए और अब पुराने खंडहर को संवारने के लिए सरकारी खजाने से लाखों निकालने की तैयारी है। आखिर यह कैसा सरकारी गणित है, जहां नई इमारत तैयार होने के बाद भी पुराने भवन से मोहभंग नहीं हो रहा। सवाल यह है कि 26 करोड़ की लागत से तैयार हाईटेक बिल्डिंग आखिर किस दिन काम आएगी। जब नई इमारत में तमाम सुविधाएं मौजूद हैं तो फिर पुराने भवन की मरम्मत पर सरकारी धन खर्च करने की जरूरत ही क्यों आन पड़ी। दिलचस्प यह भी है कि नई बिल्डिंग तैयार है, लेकिन उसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पा रहा है। क्या शिफ्टिंग में कोई तकनीकी अड़चन है या फिर फाइलों में ही नई बिल्डिंग का भविष्य कैद होकर रह गया है।

आखिर विभाग को नई बिल्डिंग में जाने से रोक कौन रहा है या फिर पुराने भवन से कुछ ऐसा मोह है कि 26 करोड़ की नई इमारत भी उसे भुला नहीं पा रही है। सरकारी खजाने से खर्च होने वाले हर रुपये का हिसाब मांगने का वक्त है, वरना कहीं ऐसा न हो कि नई बिल्डिंग उद्घाटन और इंतजार की शोभा बढ़ाती रहे और पुराना खंडहर मरम्मत के नाम पर बजट खाता रहे।

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LPG Gas Cylinder Price Hike: एलपीजी गैस सिलेंडर आज से महंगा हो गया है। पेट्रो कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 10 से 17 रुपए तक का इजाफा (Commercial Cylinder Price Hike) किया है। बढ़ी दरें आज सुबह से लागू हो गई है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में सिलेंडर 10 से 17 रुपए तक महंगा हुआ है। जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 11.50 रुपए बढ़ी है। अब दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर 2,820 रुपए और मुंबई में 2,774.50 रुपए में मिलेगा।

वहीं दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। खास बात तो ये है कि जून के महीने में आखिरी बार घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव देखने को मिला था।

 देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 10 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद दाम 2820 रुपए हो गए हैं। वहीं कोलकाता में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 17 रुपए का इजाफा देखा गया है और दाम 2971 रुपए हो गए हैं। मुंबई में 10.50 रुपए और चेन्नई में 11.50 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली। जिसके बाद दोनों महानगरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में क्रमश: 2775 रुपए और 2994.5 रुपए हो गए हैं।

शहर का नामकमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम 
दिल्ली2,820 रुपए प्रति 19 किलोग्राम
मुंबई2,774.50 रुपए प्रति 19 किलोग्राम
चेन्नई2,994.50 रुपए प्रति 19 किलोग्राम
कोलकाता2,964 रुपए प्रति 19 किलोग्राम
बेंगलुरू2,908 रुपए प्रति 19 किलोग्राम

लगातार तीसरे महीने में देखने को मिला इजाफा

चारों महानगरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में लगातार तीसरी बार इजाफा देखने को मिला है। अगस्त के बाद से दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 82 रुपए का इजाफा देखने को मिला है। वहीं कोलकाता में कमर्शियल गैस की कीमतों में 98.5 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं मुंबई और चेन्नई में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में क्रमश: 83.5 रुपए और 88.5 रुपए का इजाफा देखने को मिल चुका है।

होटल-रेस्टोरेंट पर क्या होगा असर?
कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से इन कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है। दिवाली से पहले सिलेंडर महंगा होने से मिठाई के दाम में कारोबारी बढ़ोतरी कर सकते हैं। इससे आपकी मिठाई की मिठास के लिए अधिक पैसे देने पड़ सकते हैं।

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