देहरादून. उत्तराखंड कांग्रेस के नेता गणेश गोदियाल ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि लोकतंत्र को वास्तविक खतरा विपक्ष से नहीं, बल्कि सत्तासीन लोगों से है. उन्होंने सरकार को उसकी शासन संबंधी जिम्मेदारियां याद दिलाते हुए चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की है.
गणेश गोदियाल ने कहा कि साढ़े बारह साल से केंद्र और 10 साल से प्रदेश में सत्ता में रहने वाली भाजपा सरकार खुद पदयात्रा निकालकर नारा दे रही है ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’. आखिर लोकतंत्र को खतरा किससे है? लोकतंत्र को खतरा सत्ता में बैठे लोगों से होता है, जिन पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण के आरोप हैं. पदयात्रा निकालना विपक्ष का काम है, सरकार का काम शासन चलाना और अराजकता रोकना है.
आगे गणेश गोदियाल ने कहा कि जनता ने सरकार को इसी जिम्मेदारी के लिए चुना है, न कि विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए। अगर लोकतंत्र बचाना है, तो चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाइए. चुनाव आयोग भाजपा से जुड़े अधिकारियों के तबादले करे और चुनाव में अनैतिक संसाधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाए. नारा होना चाहिए लोकतंत्र को भाजपा की सत्ता से बचाओ, अराजकता हटाने की जिम्मेदारी सरकार निभाओ!
शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भाजपा के विवादित और तीखे बयानों के लिए पहचाने जाने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा का एक और बयान सामने आया है। स्वदेशी मेले के एक कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने धर्म और पर्व को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की है। इसके अलावा, दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन, राहुल गांधी और मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर कांग्रेस द्वारा की जा रही राजनीति को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला।
“चांद हमारा है, मुसलमान भी हमसे पूछकर मनाएंगे ईद”
स्वदेशी मेले के कार्यक्रम के दौरान मंच से जनता को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने भाषण में कहा कि, “सूरज हमारा है और चांद हमारा है, मुसलमान भी अब हमसे पूछकर ईद मनाएंगे।” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “यदि भगवान शंकर धूनी रमाकर किसी गुफा में चले जाएं और वहाँ से चंद्रमा दिखाई न दे, तो ईद मनाना भी मुश्किल हो जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
“रामलीला मैदान में कुछ रावण हुए हैं इकट्ठे, भारत को नेपाल-बांग्लादेश नहीं बनने देंगे”
दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रदर्शन और राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए रामेश्वर शर्मा ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान भगवान राम की यश और कीर्ति का मैदान है, जहाँ कुछ ‘रावण’ इकट्ठे हुए हैं। रामलीला मैदान में सिर्फ भगवान राम की जय-जयकार होनी चाहिए।
राहुल गांधी को चेतावनी
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कान खोलकर सुन लो, कांग्रेस अराजकता फैलाना चाहती है और कम्युनिस्ट मानसिकता के थोड़े बहुत जो लोग बचे हैं, उन्हें भी खत्म करेंगे। देश में रामराज होगा और हम भारत को नेपाल और बांग्लादेश नहीं होने देंगे।”
“यह अब सोनिया गांधी की कांग्रेस, विदेश की बोल रही भाषा”
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस द्वारा की जा रही सियासत पर भी विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि कांग्रेस स्थापना दिवस पर भी राजनीति कर रही है। विचारधारा पर सवाल: उन्होंने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस के अंदर महात्मा गांधी और लोकमान्य तिलक के विचार नहीं बचे हैं, बल्कि यह पूरी तरह से “सोनिया गांधी की कांग्रेस” बन चुकी है।
मुगलों और अंग्रेजों से तुलना
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यही वजह है कि कांग्रेस अब विदेश की भाषा बोल रही है। मध्य प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ता देख कांग्रेस के भीतर जलन की भावना साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश ने पहले मुगलों से लड़ाई लड़ी, फिर अंग्रेजों से और अब देश को बचाने के लिए कांग्रेस से भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भाजपा के विवादित और तीखे बयानों के लिए पहचाने जाने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा का एक और बयान सामने आया है। स्वदेशी मेले के एक कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने धर्म और पर्व को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की है। इसके अलावा, दिल्ली के… pic.twitter.com/G85jJZ1I24
नितिन नामदेव, रायपुर। राज्योत्सव 2026 में कांग्रेस नेताओं के शामिल नहीं होने पर सांसद संतोष पांडे ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक भी नेता नहीं है. कांग्रेस नेताओं को कोई खुशी नहीं है, केवल कुर्सी के लिए करते हैं, जैसे कालनेमि राक्षस ढोंगी था, वैसा ही प्रेम इनका छत्तीसगढ़ से है.
राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने मीडिया से चर्चा में राज्योत्सव में कांग्रेस नेताओं के शामिल नहीं होने पर कहा कि लोग कल्पना करते थे अलग राज्य के लिए. कांग्रेस ने अलग राज्य का निर्माण किया है, लेकिन वहां (तेलंगाना) खूब खून-खराबा हुआ है. छत्तीसगढ़ बिना खून-खराबे के अलग राज्य बना है. छत्तीसगढ़ में अमन चैन है.
मॉक पार्लियामेंट कोई नई बात नहीं
दिल्ली में कांग्रेस ने मॉक पार्लियामेंट लगाए जाने पर सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह कोई नई बात नहीं है. बस्तर में जनताना सरकार चलाते थे, यह सब जानते हैंं. बंदूक की नोक पर इनकी सरकार चलती थी. मोदी जी ने इन्हें दिमागी नक्सली ठीक कहा है. सदन के अंदर रहते हैं तब तो बोलते नहीं, भागते हैं. ता उम्र यही गलती करते रहे, धूल चेहरे पर थी आइना साफ करते रहे.
चुनाव के लिए हम तैयार हैं
वहीं नगरीय निकाय चुनाव और अहिवारा उपचुनाव को लेकर सांसद संतोष पांडे ने कहा कि वास्तव में भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा से हम आस्तंभ है. चुनाव विधान में रिक्त स्थान की पूर्ति करनी होती है. उपचुनाव हो या निकाय चुनाव हो. हम लड़ाई और युद्ध की तैयारी में रहते हैं, हमा तैयार हैं. चुनाव को लेकर लगातार बैठकें होंगी. शक्ति केंद्रों की बैठक होगा. बीजेपी में बैठक निरंतर चलती रहती है.
Dharm Desk: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी आज अहोई अष्टमी का पावन व्रत रखा जा रहा है। यह दिन माताओं के लिए बहुत खास होता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी और प्रदोष काल का संयोग शिव-शक्ति की आराधना के लिए भी विशेष अवसर है।
आज के दिन शंकर जी और माता पार्वती के निमित्त दीप प्रज्वलित करके संतान की खुशहाली, परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन की परेशानियों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। आज अहोई अष्टमी के पावन अवसर पर शिव और शक्ति की आराधना के साथ अपनी संतान के सुखद भविष्य की कामना करें। प्रदोष काल में लंबी और गोल बत्ती के दो दीपक प्रज्वलित करके भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करें।
आज प्रदोष काल में दीपदान करते समय कुछ बातों का बहुत ध्यान रखें। सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिव मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करें। दोनों दीपक श्रद्धापूर्वक प्रज्वलित करें और अपनी मनोकामना व्यक्त करें। दीपदान के बाद कुछ समय मंदिर में बैठकर शिव मंत्रों का जाप करें।
प्रदोष काल में जलाएं दो विशेष दीपक
आज अहोई अष्टमी पर प्रदोष काल के समय नजदीकी शंकर मंदिर जाएं। वहां शंकर जी और माता पार्वती के सामने दो अलग-अलग दीपक प्रज्वलित करें। इन दोनों दीपकों की बत्ती अलग-अलग प्रकार की होनी चाहिए।
लंबी बत्ती का दीपक
पहला दीपक लंबी बत्ती से जलाएं और इसे माता पार्वती को समर्पित करें। माता पार्वती मातृत्व, शक्ति और सृजन का स्वरूप हैं। इस दीपक को जलाते समय संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करें।
गोल बत्ती का दीपक
दूसरा दीपक गोल बत्ती से जलाएं और भगवान शंकर के निमित्त समर्पित करें। इस दौरान परिवार में सुख-शांति बनाए रखने और जीवन की परेशानियों से मुक्ति पाने की कामना करें।
शिव-शक्ति की संयुक्त आराधना करते समय अपनी समस्याओं को ध्यान में रखकर भगवान से प्रार्थना करें। विशेष रूप से इन तीन बातों के लिए दीपदान करें।
संतान की उन्नति के लिए
यदि बच्चों की पढ़ाई, करियर, नौकरी या रोजगार को लेकर परेशानियां बनी हुई हैं तो माता पार्वती और शंकर जी से उनकी सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए
परिवार में किसी सदस्य की लंबी बीमारी या स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या चल रही है तो उसके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करें।
आर्थिक परेशानियों से मुक्ति के लिए
यदि घर में आर्थिक तंगी, कर्ज या धन की कमी बनी हुई है तो महादेव के सामने दीपक जलाकर आर्थिक स्थिरता और सुख-समृद्धि की कामना करें।
आरिफ शेख, श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बड़ा हादसा हो गया। जहां श्मशान घाट में एक युवक पेड़ों की छंटाई करने के लिए चढ़ा था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवारजनों में मातम पसर गया। मृतक अपने पीछे पांच बच्चों को छोड़ गया। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, बालापुरा निवासी अमजद पेड़ों की कटाई और छंटाई का काम करता था। वह पुल दरवाजा स्थित श्मशान घाट में पेड़ों की छंटाई करने के लिए पेड़ पर चढ़ा था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान वहां से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया।
घटना के बाद आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। डॉक्टरों ने अमजद को मृत घोषित कर दिया। मृतक के पांच बच्चे है, हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि श्मशान समिति की ओर से पेड़ों की कटाई और छंटाई का काम कराया जा रहा था। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर दुनिया भर में एक अभूतपूर्व सामाजिक पहल देखने को मिली। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय उमिया फाउंडेशन ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल अंतरराष्ट्रीय रक्तदान अभियान का आयोजन किया। इस मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के तहत भारत समेत विश्व के सात अलग-अलग देशों में एक ही दिन में कुल 25,000 यूनिट से अधिक रक्त एकत्रित कर एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया गया।
इस बहुराष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य न केवल सरदार पटेल के अखंड भारत के सपने और उनकी दूरदर्शिता को नमन करना था, बल्कि संकट के समय मरीजों के काम आने वाले रक्त की कमी को दूर करना भी था। उमिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और न्यूजीलैंड में एक साथ आयोजित किया गया। इन सभी देशों में भारतीय समुदाय के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रक्तदान कर सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
अभियान के दौरान विभिन्न देशों के प्रमुख शहरों में विशेष शिविर स्थल बनाए गए थे, जहां सुबह से ही रक्तदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ शिविरों में पहुंचकर रक्तदान किया। फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए ब्लड बैंक टीमों की मदद से इस पूरे कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित किया।
एकत्रित किए गए 25,000 यूनिट रक्त को संबंधित देशों के प्रमुख सरकारी अस्पतालों, रेड क्रॉस सोसायटियों और स्थानीय ब्लड बैंकों को सौंपा गया है, ताकि थैलसीमिया, दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
आयोजकों ने बताया कि सरदार पटेल ने देश को एकजुट करने का जो महान कार्य किया था, उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए ‘मानवता की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि है’ के संदेश के साथ इस महाअभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी। सात देशों में फैला यह अभियान न केवल एक वैश्विक स्वास्थ्य पहल साबित हुआ, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति की सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल भी पेश की।
सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भव्य पहल की व्यापक सराहना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में रक्त संग्रह से हजारों लोगों की जानें बचाई जा सकेंगी।
पटना। शहर में एक सनकी पति ने अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए दोहरी हत्या की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी दामाद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
रिश्ते में दूरी और हत्या की खौफनाक दास्तान
घटना पटना के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के बेली रोड स्थित पिलर नंबर-17 के पास की है। यहां 29 अक्टूबर की शाम उर्मिला देवी नाम की बुजुर्ग महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतका निजी अस्पतालों में झाड़ू-पोछा का काम करके अपना गुजर-बसर करती थी। जांच में खुलासा हुआ कि मृतका की बेटी की शादी आरोपी मुकेश कुमार (29) के साथ हुई थी। मुकेश का आपराधिक इतिहास रहा है और वह लगातार अपराधों में लिप्त रहता था। उसके इसी आपराधिक रवैये से तंग आकर पत्नी ने उससे दूरी बना ली और किसी दूसरे शख्स से शादी कर ली थी। मुकेश को जब इस बात का पता चला, तो उसने बदले की आग में जलते हुए उस दूसरे शख्स की भी हत्या करवा दी थी, जिसके लिए उसे जेल भी जाना पड़ा था।
सास को भी उतारा मौत के घाट
जेल से छूटने के बाद भी मुकेश का पागलपन कम नहीं हुआ। वह अपनी पत्नी को हर हाल में दोबारा हासिल करना चाहता था। हालांकि, मृतका उर्मिला देवी अपनी बेटी के इस रिश्ते और मुकेश की हरकतों के बीच बड़ी दीवार बनी हुई थी। वह नहीं चाहती थी कि उसकी बेटी दोबारा उस अपराधी के पास जाए। इसी रंजिश के चलते आरोपी मुकेश ने अपनी सास उर्मिला देवी को भी गोली का शिकार बना दिया और उसकी जान ले ली।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
घटना के दो दिन बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 31 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे मुख्य आरोपी मुकेश कुमार को धर दबोचा। आरोपी मूल रूप से खगौल थाना क्षेत्र के लखनी बीधा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने 30 अक्टूबर को उसके फ्लैट नंबर-204 में छापेमारी की थी, जहां से एक चाकू, 21 जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी मुकेश पर पहले से ही खगौल थाने में हत्या व आर्म्स एक्ट और विक्रम थाने में लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
अमेरिका के अटलांटा में शनिवार को क्वाड की तीसरी बैठक में भारत ने यह जता दिया कि उसकी विदेश नीति किसी ताकत के इशारे पर नहीं चलती. अटलांटा में हुई G20 विदेश मंत्रियों की बैठक और QUAD की बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के रुख से भारत की इसी कूटनीतिक सोच की झलक मिली. अटलांटा बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया. मार्को रुबियो ने QUAD को लेकर कहा है कि यह गठबंधन चीन या किसी दूसरे देश का विरोध करने के लिए नहीं बना है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि क्वाड देशों का नहीं, बल्कि कुछ खास तरह के व्यवहारों का विरोध करता है. इसका मुख्य उद्देश्य किसी खास देश को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कुछ खास तरह के व्यवहारों और गतिविधियों से निपटना है.
QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि क्वाड (Quad) का गठन चीन या किसी अन्य देश का विरोध करने के लिए नहीं किया गया है. रुबियो ने कहा कि क्वाड किसी के भी खिलाफ नहीं है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब समूह अगले महीने नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहा है। यह सम्मेलन फिलीपींस की राजधानी मनीला में होगा.
#WATCH | US Secretary of State Marco Rubio says, "…The Quad is not anti-anybody. It’s not a format that exists to be against any country. To the extent we express concern about things in the Quad, it's concern about behaviours. It's concern about activities. Now those… pic.twitter.com/vl6UFW5bdX
रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि क्वाड चीन या किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं बनाया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि चारों देशों की चिंताएं बार-बार एक ही देश से जुड़ी हैं. उन्होंने सीधे तौर पर चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा उसी की ओर था.
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी.
Udaipur Diwali Tourism 2026: उदयपुर में दिवाली 2026 से पहले पर्यटन कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। झीलों की नगरी में देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से भी पर्यटकों के पहुंचने की तैयारी है। होटल एसोसिएशन के मुताबिक, अभी से 60 प्रतिशत से अधिक कमरों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि दीपावली तक शहर के ज्यादातर होटल पूरी तरह भर जाएंगे। पर्यटकों की बढ़ती मांग के बीच होटल और रिसॉर्ट में कमरों का किराया करीब 1,000 रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच रहा है।
गुजरात से महाराष्ट्र तक के पर्यटकों को पसंद है लेकसिटी
झीलों, ऐतिहासिक महलों और खूबसूरत नजारों के लिए मशहूर उदयपुर हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। दिवाली के दौरान गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। खासकर गुजराती पर्यटकों में लेकसिटी घूमने का खास आकर्षण रहता है।
गुजरात में दिवाली पूजन के बाद कई पर्यटक श्रीनाथजी के दर्शन के लिए नाथद्वारा पहुंचते हैं। इसके साथ ही रणकपुर और कुंभलगढ़ को भी अपनी यात्रा में शामिल करते हैं। आमतौर पर पर्यटक दो से तीन दिन उदयपुर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर बिताने की योजना बनाते हैं। इस बार विदेशी पर्यटकों की पूछताछ भी कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ा रही है।
होटल-रिसॉर्ट में डीजे पार्टी से लेकर कल्चरल शो तक
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के अनुसार, दीपावली पर पर्यटन कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। अभी से 60 प्रतिशत से अधिक कमरों की बुकिंग हो चुकी है। त्योहार तक बुकिंग और बढ़ने की संभावना है।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होटल और रिसॉर्ट में खास आयोजन किए जाएंगे। इनमें डीजे पार्टी, लाइव म्यूजिक, थीम नाइट्स, कल्चरल शो और विशेष डिनर शामिल हैं। पर्यटन विभाग की ओर से भी शहर के प्रमुख चौराहों और पर्यटन स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे त्योहार के दौरान उदयपुर की खूबसूरती और निखरेगी।
1,000 रुपये से डेढ़ लाख तक पहुंचा कमरों का किराया
दिवाली पर पर्यटकों की बढ़ती मांग का असर होटल किराये पर भी दिख रहा है। होटल के ब्रांड, सुविधाओं और कमरों की श्रेणी के अनुसार कीमतों में अंतर है। सामान्य श्रेणी के होटलों में किराया अपेक्षाकृत कम है, जबकि प्रीमियम होटल और लग्जरी रिसॉर्ट में एक कमरे की कीमत डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच रही है।
होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के मुताबिक, दिवाली के दौरान घरेलू पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और ऑस्ट्रेलिया से आने वाले विदेशी पर्यटक भी उदयपुर घूमने पहुंचते हैं।
फतहसागर से सिटी पैलेस तक बढ़ेगी रौनक
दिवाली के दौरान उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। फतहसागर झील, पिछोला झील, सिटी पैलेस, सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ और दूध तलाई जैसे स्थान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
झीलों में बोटिंग, रोशनी से जगमगाते ऐतिहासिक महल और पुराने शहर की सजी हुई गलियां पर्यटकों को अलग अनुभव देती हैं। जगदीश मंदिर और शहर की ऐतिहासिक विरासत भी उदयपुर की पहचान का अहम हिस्सा हैं।
कुंभलगढ़ और शिल्पग्राम के आयोजनों पर भी नजर
दिवाली के दौरान उदयपुर के साथ आसपास के पर्यटन स्थलों और आयोजनों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। कुंभलगढ़ फेस्टिवल और शिल्पग्राम फेस्टिवल जैसे आयोजनों में लोगों की दिलचस्पी रहने की उम्मीद है।
शब्बीर अहमद, भोपाल: मध्य प्रदेश में जेल व्यवस्था को अधिक मानवीय, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार ‘जेल सुधार अधिनियम-2024’ को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसके क्रियान्वयन हेतु ‘नियम-2026’ तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके परीक्षण और सुझाव के लिए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति मात्र 10 कार्य दिवसों में अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी।
समिति में शामिल प्रमुख अधिकारी
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव जयेंद्र कुमार विजयवर्गीय द्वारा इस विशेष समिति का गठन किया गया है। समिति में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:
मुकेश कुमार (प्रमुख सचिव, जेल विभाग) लोकेश जाटव (सचिव, वित्त विभाग) शिल्पा गुप्ता (सचिव, गृह विभाग) मुकेश कुमार (सचिव, विधि विभाग)
इसके अलावा जेल विभाग के उप सचिव कमल नागर को भी इस समिति में शामिल किया गया है। समिति नियमों का बारीकी से परीक्षण कर आगामी 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी।
नए कानून के तहत मिलेंगे ये अधिकार और सुविधाएं
प्रस्तावित नए जेल सुधार अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कैदियों को केवल सजा देना नहीं, बल्कि उनमें सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नए प्रावधानों के तहत- बंदियों को समय पर मुफ्त कानूनी सहायता, उच्च और बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने के अवसर दिए जाएंगे। जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। कौशल विकास (Skill Development): कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे।बंदियों के अपने परिजनों से संपर्क बनाए रखने के अधिकारों को और सुगम बनाया जाएगा।
तकनीक का इस्तेमाल और पुरानी व्यवस्था की विदाई
इस नए अधिनियम के लागू होने से जेलों में आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (पेशी व मुलाकात के लिए), टेलीमेडिसिन (स्वास्थ्य जांच) और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इस नए और व्यापक कानून के अस्तित्व में आने के बाद जेल व्यवस्था से जुड़े पुराने तीन कानूनों की जगह यह आधुनिक व्यवस्था लेगी। सरकार का यह कदम प्रदेश की जेलों में मानवाधिकारों के संरक्षण और सुधारवादी दृष्टिकोण को एक नई दिशा देगा।