नीट पेपर लीक मामले में सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शन जारी है। CJP और सरकार के बीच इस मुद्दे को लेकर बैठक भी हुई जिसमें सरकार के सामने 3 मांगे राखी गईं जिसमें से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात भी कही गई है। इस बीच राहुल गांधी ने शुक्रवार को पैलेट गन से घायल छात्रों से मुलाकात की। वे एक घायल छात्र को साथ में लेकर मीडिया के सामने आए। उन्होंने छात्र के हाथ में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा- एक छात्र ने आंख भी गवाई है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान एक ‘अपराधी शिक्षामंत्री’

राहुल ने आगे कहा- धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। उन्हें हटाया जाना चाहिए। वे हमारे शिक्षा तंत्र के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग बाहर हैं। उन्हें जाना ही होगा। उधर लोकसभा में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- हम सदन में चर्चा को तैयार हैं। विपक्ष से अपील है कि सदन को चलने दें, राहुल गांधी अपने सांसदों को समझाएं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने मांगा समय

बता दें कि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच दिल्ली में दूसरी बार बातचीत खत्म हो चुकी है। बैठक दोपहर 12:40 बजे शुरू हुई और 2:20 बजे तक चली। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर वार्ता हुई थी, जो बेनतीजा रही थी। CJP ने कहा था कि हम बात करने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर नहीं जाएंगे, किसी न्यूट्रल वेन्यू पर बात हो। यहीं वजह रही कि, ये बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई। बैठक से पहले CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया कि इस्तीफे (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) के अलावा हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। हमारा प्रोटेस्ट खत्म नहीं होगा। इसी मांग को पार्टी के प्रवक्ताओं ने बैठक में भी रखी जिसपर सरकार की ओर से मौजूद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने एक दिन का समय मांगा।

CJP की प्रमुख डिमांड

छात्रों पर एक्शन के लिए सरकार माफी मांगे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा हो
पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा

इन शर्तों पर सहमति

सरकार के साथ बैठक के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, “सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे और छात्रों पर दर्ज FIR और कानूनी मामलों को वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।”

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद

एक ओर सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है तो वहीं, दूसरी ओर सीजेपी का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं है। सीजेपी कह रही है कि जबतक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। अब से कुछ देर पहले अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट जारी रहेगा।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m