राजकोट। गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला और राहत भरा मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों की टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे मेडिकल केस को संभालते हुए इतिहास रच दिया है। अस्पताल की विशेष मेडिकल टीम ने 180 किलोग्राम वजन वाली एक गर्भवती महिला का न केवल सुरक्षित प्रसव कराया, बल्कि जच्चा और बच्चा दोनों की जान भी बचा ली।

सांस की तकलीफ के बाद ICU में किया गया था भर्ती

मिली जानकारी के मुताबिक, अमरेली जिले के जाफराबाद की रहने वाली 35 वर्षीय कैलाश परमार को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते 16 जुलाई को राजकोट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला का वजन 180 किलो था और उनका BMI 65 पहुंच चुका था—जो सामान्य सीमा से दोगुने से भी अधिक है। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया और सघन इलाज शुरू किया।

8 डॉक्टरों की टीम और विशेष तैयारियां

अस्पताल के स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कमल गोस्वामी ने बताया कि उनके लिए यह मामला बेहद अनूठा और जोखिम भरा था, क्योंकि इससे पहले अस्पताल में अधिकतम 100 किलो वजन तक की महिला की डिलीवरी कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 8 डॉक्टरों की 2 विशेष टीमें बनाई गईं, जिनमें गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट और फिजिशियन शामिल थे।

  • विशेष व्यवस्था: महिला के भारी वजन को ध्यान में रखते हुए विशेष मैटरनिटी बेड, सर्जिकल टेबल और बड़े साइज के मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था की गई।
  • खून के थक्कों से बचाव: दिल और दिमाग पर असर न पड़े, इसलिए खून का थक्का जमने से रोकने के लिए एहतियाती दवाएं दी गईं।
  • सेंट्रल वीनस लाइन: सामान्य नसों में नली लगाना मुश्किल था, इसलिए डॉक्टरों ने सेंट्रल वीनस लाइन लगाई और सोनोग्राफी से बच्चे की पल-पल की अपडेट ली।

13 दिन की मशक्कत, फिर हुई नॉर्मल डिलीवरी

डॉ. मेहुल परमार और डॉ. जल्पा राठौड़ की निगरानी में 13 दिनों तक चले इलाज और चौबीसों घंटे की मॉनिटरिंग के बाद डॉक्टरों ने प्रसव पीड़ा शुरू कराई। इमरजेंसी सिजेरियन की पूरी तैयारी के बावजूद, डॉक्टरों की सूझबूझ से गुरुवार तड़के 2:30 बजे महिला ने नॉर्मल डिलीवरी के जरिए अपने चौथे बच्चे को जन्म दिया।

जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

सफल डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने राहत की सांस ली। फिलहाल मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह से खतरे से बाहर और स्वस्थ हैं। महिला ने अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्टाफ की लगन और मेहनत के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। राजकोट सिविल अस्पताल के इतिहास में यह अब तक का सबसे भारी वजन वाली महिला के सफल प्रसव का पहला रिकॉर्ड बन गया है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें

खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें