मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित मुंबई दौरे से एक दिन पहले Jio World Plaza में PMO की कथित संदिग्ध पहचान का इस्तेमाल कर प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार 24 वर्षीय रोहन पारिख ने अब जमानत के लिए अदालत का रुख किया है। पारिख फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उनकी जमानत अर्जी पर 17 सितंबर को मजिस्ट्रेट अदालत में सुनवाई होगी। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे बचाव पक्ष की ओर से दलील पेश करेंगे।

जमानत अर्जी में क्या दलील दी गई?

पारिख ने अपनी जमानत अर्जी में कहा है कि FIR में लगाए गए आरोपों को सही मान लेने के बावजूद उनके खिलाफ किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे या स्पष्ट गलत कार्रवाई का आरोप नहीं बनता। अभियोजन के मुताबिक, उनके पास कुछ कथित फर्जी दस्तावेज मिले थे और उन्हें तैयार करने का भी आरोप है।

हालांकि, बचाव पक्ष का तर्क है कि अभियोजन ने यह आरोप नहीं लगाया है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी उद्देश्य के लिए किया गया। अर्जी में यह भी कहा गया है कि घटना से किसी व्यक्ति को नुकसान, चोट या परेशानी नहीं हुई।

प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी नहीं थी: बचाव पक्ष

मामले में प्रतिबंधात्मक आदेशों को लेकर भी बचाव पक्ष ने अहम दलील दी है। आरोप है कि पारिख अपने सह-आरोपी के साथ उस समय मॉल में दाखिल हुए, जब प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे और सह-आरोपी के पास लाइसेंसी हथियार भी था।

जमानत अर्जी में दावा किया गया है कि पारिख को इन आदेशों के लागू होने की जानकारी नहीं थी और ये आदेश कानून के मुताबिक पर्याप्त रूप से प्रकाशित या प्रचारित नहीं किए गए थे।

CCTV फुटेज और निजी यात्रा का हवाला

बचाव पक्ष ने CCTV फुटेज का भी उल्लेख किया है। अर्जी के अनुसार, फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि पारिख कार्यक्रम से एक दिन पहले मॉल पहुंचे थे, लेकिन वे वहां निजी कारण से गए थे और उन्हें अगले दिन किसी गणमान्य व्यक्ति के कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी।

अर्जी में पारिख की उम्र, कथित मेडिकल समस्याओं और उनके छात्र होने का भी हवाला दिया गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि लगातार हिरासत से उनके शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर अदालत से उन्हें जमानत देने की मांग की गई है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m