लखनऊ. आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और दलित-पिछड़ा विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने देश की शीर्ष जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने चंदा चोरी के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. इस दौरान उन्होंने गुजरात में पंजीकृत छह अनभिज्ञ राजनीतिक दलों का खुलासा करते हुए इसे काले धन को सफेद करने का सबसे बड़ा जरिया बताया.

शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सांसद संजय सिंह ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2023-24 में गुजरात की छह गुमनाम पार्टियों (आम जनमत पार्टी, सत्यवादी रक्षक पार्टी, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी, भारतीय नेशनल जनता दल और गरीब कल्याण पार्टी) को कुल 5500 करोड़ रुपये का चंदा मिला है. इसमें विशेष बात यह है कि ये 6 पार्टियां गुजरात से हैं. इसका मतलब यह चंदा इन पार्टियों को नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी को मिला है, इन पार्टियों के माध्यम से.

इसे भी पढ़ें- BJP जितनी नाइंसाफी करना चाहे कर ले लेकिन… सपा सुप्रीमो का सरकार पर तीखा हमला, जानिए ऐसा क्या कह गए अखिलेश यादव

उन्होंने कहा कि इन डमी पार्टियों का कोई वजूद नहीं है. इनकी तरफ से मात्र 15 कैंडिडेट लड़ाए, फिर भी इनके पास अरबों रुपये कहां से आए? उन्होंने आरोप लगाया कि ये भाजपा की डमी पार्टियां हैं, जिनके माध्यम से विदेशी धन और काले धन की हेराफेरी की जा रही है. उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल पूछा कि इतना बड़ा भ्रष्टाचार हुआ लेकिन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब भी भाजपा अपनी जमीन खिसकती देखती है, वह सांप्रदायिक तनाव पैदा करती है. मस्जिद गिराना प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट और वक्फ बाय यूजर कानून का सरेआम उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार के डर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती है, ताकि हिंदू-मुसलमान को लड़ाकर चुनावी रोटियां सेकी जा सकें.

इसे भी पढ़ें- UP फतेह की तैयारी! संघ और संगठन के गठजोड़ से भाजपा के लिए सियासी पिच तैयार करेंगे विनोद तावड़े, 27 चुनाव को लेकर दिया बड़ा बयान

राम मंदिर ट्रस्ट में नई नियुक्तियों पर हमला बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि ट्रस्ट में दलित समाज से आने वाले सदस्य को हटाकर विवादित लोगों को कोषाध्यक्ष और महासचिव बनाया गया है. उन्होंने कहा कि चंपत राय के जमीन घोटाले को दबाने के लिए चोरों की शिफ्टिंग की गई है. भाजपा और आरएसएस मंदिर ट्रस्ट पर अपना कब्जा जमाए रखना चाहते हैं, ताकि लूट का खेल जारी रहे.