सतीश सिंह, गोरखपुर. शिक्षक दिवस पर गोरखपुर में प्रदेश भर के 81 शिक्षकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 के पहले विद्यालय नकल के अड्डे बन गए थे, ठेके चलते थे. दूसरे राज्य के छात्र यहां परीक्षा देने आते थे. जो नही आते थे,उनके नाम पर कोई दूसरा परीक्षा देता था,ऐसे विद्यालयों को केंद्र बनाने का कार्य अब बंद कर दिया गया है. इसके पीछे कारण शिक्षकों का सम्मान बढ़ाना था.

शनिवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 तथा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अकेले माध्यमिक शिक्षा में 1500 करोड़ से अधिक धनराशि विद्यालयों के जर्जर भवनों के लिए दिए. ये काम 2017 के पहले भी हो सकते थे. उन्होंने कहा कि सैफई महोत्सव में जितना खर्च करते थे अगर थोड़ा सा पैसा शिक्षा की तरफ डायवर्ट करते तो लाखों बच्चों का भविष्य बन चुका होता.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जितना पैसा बर्किंघम की बग्घी मंगाकर अपने जन्मदिन मनाते थे,अगर उतना पैसा शिक्षा पर खर्च करते तो बच्चों का भविष्य बनता,पहचान का संकट नही होता. जो लोग कर नही सके,वही प्रश्न खड़ा करते हैं. उत्तरप्रदेश का मॉडल और परिवर्तन आज देश देख रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहा है. जिन लोगो को चार बार प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला,और कांग्रेस जिसे 6 दशक तक शासन करने का अवसर मिला,वो आज प्रश्न खड़ा करते हैं.

उनके स्वयं के स्मारक जर्जर हैं- योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके स्वयं के जर्जर स्मारक बन चुके जर्जर भवन जिसे हम रिप्लेस कर चुके हैं,या जिसका हम बाल वाटिका के रूप में उच्चीकरण कर चुके हैं. वो वहां जाकर शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 हजार बाल वाटिका बन चुकी है. जिसमे प्री प्राइमरी की क्लासेज चल रही हैं.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र सशक्त व समर्थ तभी हो सकता है, जब उस राष्ट्र की भावनाओ के अनुरूप शिक्षा व संस्कार वहां के युवा को प्राप्त हो रहा हो. यह कार्य एक शिक्षक ही कर सकता है. शिक्षक ही राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनाने का कार्य कर सकता है, एक शिक्षक ही वाहक बन सकता है, उसी शिक्षक के सम्मान के लिए यह समारोह है.

साढ़े नौ वर्षों में कोई दंगा नही

उन्होंने कहा कि जो दृश्य पहले होता था,कर्फ्यू होता था,दंगा होता था. कल जन्माष्टमी थी, प्रदेश के सभी पुलिस लाइन,थानों, हर मोहल्ले में आयोजित हुआ लेकिन कहीं कोई दंगा सुनाई पड़ा. मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या कोई कल्पना कर सकता था,दंगो कर्फ्यू में माहौल में हमारे स्कूल कॉलेज चल सकते थे,आपने साढ़े 9 वर्षो में देखा होगा कहीं कोई उपद्रव नही,अब आप शिक्षको पर कोई प्रश्न नही खड़ा कर सकता.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब हम आए शिक्षामित्रों का मानदेय 3000 मिलता था,हमने 18000 रुपये किया.अनुदेशकों का मानदेय 17000 रुपये किया साथ मे 5 लाख रु का कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है.बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा विभाग के सभी 15 लाख से ज्यादा सभी को परिवार समेत 5 लाख रु की कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है. साथ मे सोशल सिक्योरिटी गारंटी योजना से भी जोड़ा है.