कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ नीति ने भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब गरीब परिवार का बच्चा भी अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर सरकारी नौकरी हासिल कर रहा है।

भर्ती प्रक्रिया में खत्म हुई सिफारिश और भ्रष्टाचार की गुंजाइश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में सिफारिश और भ्रष्टाचार की शिकायतें आम थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। अब युवाओं को किसी सिफारिश या आर्थिक प्रभाव की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत, प्रतिभा और परीक्षा में प्रदर्शन ही चयन का आधार बन रहा है।

हर योग्य युवा को समान अवसर देने पर सरकार का फोकस

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर योग्य युवा को समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। सरकार की इस नीति से युवाओं का भरोसा सरकारी भर्ती प्रणाली पर मजबूत हुआ है और लाखों अभ्यर्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा है।

अंत्योदय की भावना के साथ शिक्षा, कौशल और रोजगार पर जोर

नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है। गरीब, किसान, मजदूर और सामान्य परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष होगी, तभी योग्य युवाओं को उनका अधिकार मिलेगा और प्रदेश का समग्र विकास संभव होगा।

युवाओं से मेहनत के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, ईमानदारी तथा मेरिट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती रहेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पूरी लगन और मेहनत से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें, क्योंकि अब सफलता का एकमात्र आधार उनकी योग्यता और परिश्रम है।

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