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Nawada News: नवादा के हिसुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की लापरवाही से एक मरीज की मौत हो गई है. मांसपेशियों में दिए जाने वाले इंजेक्शन को नस में देने से मरीज की तत्काल मौत हो गई. दरअसल बजरा गांव के विजय पासवान पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे. आयुष चिकित्सक डॉ. ज्योति किशोर ने बिना जांच के मरीज को इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है. मरीज को लगाए गए इंजेक्शन की एक्सपायरी की बात भी सामने आई है. हालांकि इस बात से सिविल सर्जन ने इंकार कर दिया है.
घटना के बाद मौके से फरार हुए डॉक्टर
युवक की मौत के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश फैल गया और अस्पताल में सैकड़ों लोग जमा हो गए. वहीं, हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक नीतू कुमारी और सिविल सर्जन भी मौके पर पहुंचे. जबकि घटना के बाद चिकित्सक मौके से फरार हो गए.
विधायक ने बताया कि, इस अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही की शिकायतें पहले भी मिली हैं. चिकित्सा प्रभारी अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं. अप्रशिक्षित नर्स, आयुष चिकित्सक और ड्रेसर ही मरीजों का इलाज करते हैं. विधायक ने चेतावनी दी है कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मरीजों की जान का जोखिम बना रहेगा.
सिविल सर्जन ने मानी गलती की बात
सिविल सर्जन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हंगामे के बाद पहुंची सिविल सर्जन डॉ॰ नीता अग्रवाल ने मृतक के परिजनों से पूछताछ किया. परिजनों के आरोप को जांच करते हुए इलाज कर रहे चिकित्सक से बात की.
सिविल सर्जन ने कहा कि, आयुष चिकित्सक डॉ. ज्योति किशोर ने इंजेक्शन सही दिया, लेकिन इंजेक्शन देने का तरीका गलत था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद सारी तथ्य सामने आएगा. बहरहाल चिकित्सक पर कार्रवाई किया जाएगा. हिसुआ थानाध्यक्ष अनिल कुमार भी अस्पताल पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेजा.
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