चंडीगढ़ : पंजाब के आठ जिलों- होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला, फाजिल्का और फिरोजपुर में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई गांवों में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया है। पशुओं के लिए चारा खत्म हो गया है और लोग राहत शिविरों या घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन फिलहाल प्रशासन का ध्यान लोगों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आज चंडीगढ़ में मंत्रियों और अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इससे पहले सीएम मान ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी, जो प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रही है।

सीएम का प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

पिछले दो दिनों से सीएम भगवंत मान लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने गुरदासपुर और पठानकोट में स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों के लिए अपना सरकारी हेलीकॉप्टर प्रशासन को सौंप दिया। गुरुवार को वे अमृतसर के अजनाला पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात की।

हरियाणा ने बढ़ाया मदद का हाथ

पड़ोसी राज्य हरियाणा ने भी पंजाब की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सीएम भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा है कि वे हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं। उन्होंने पंजाब की बाढ़ स्थिति पर दुख जताया और लिखा, “पंजाब में बाढ़ से उत्पन्न कठिनाइयों के बारे में जानकर मुझे अत्यंत दुख हुआ है। हरियाणा सरकार और हरियाणा की जनता इस कठिन समय में पंजाब के साथ खड़ी है।”