प्रदीप गुप्ता, कवर्धा। छत्तीसगढ़ में लाखों क्विंटल धान के गायब होने का मामला इन दिनों राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। इसको लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है, वहीं कवर्धा जिले के धान संग्रहण केंद्रों से गायब हुए 26 हजार क्विंटल धान कथित ‘चूहों’ के खाने के बाद अब ‘वांटेड चूहों’ की तलाश शुरू हो गई है। यह अनोखी मुहीम जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) ने की है। इसको लेकर कार्यकर्ता जगह-जगह पोस्टर भी लगा रहे हैं।


जोगी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने धान का गबन किया और इसे चूहों पर डाल दिया। पार्टी का कहना है कि कवर्धा, महासमुंद, जशपुर और बस्तर के धान केंद्रों से कथित रूप से धान चूहों द्वारा खाया गया बताया जा रहा है। इस गायब धान की अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जोगी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी ने कहा कि हमारे कबीरधाम जिले में हमारे हिस्से का 7 से 8 करोड़ रुपये मूल्य का धान गबन हो गया है। 7 से 8 करोड़ रुपए अधिकारियों को कम नजर आ रहे हैं, और हम यह कह रहे हैं कि यह 7 से 8 करोड़ का धान चूहों ने खा लिया है। इसलिए हम जगह-जगह पोस्टर लगा रहे हैं और उस चूहे की तलाश कर रहे हैं जो लापता है। उन्होंने सभी मीडिया और जिले के निवासियों से अपील की है कि यदि यह लापता चूहा कहीं दिखाई दे तो हमें तुरंत सूचित करें, ताकि हम संबंधित अधिकारियों को बता सकें कि ये चार पैर वाले चूहे हैं या दो पैर वाले।
सुनील केसरवानी ने बताया कि इसी विषय को लेकर अगले दिन हमारे प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी भी आ रहे हैं। वे धान संग्रहण केंद्र पहुंचेंगे और जाल लेकर चूहा पकड़ने वालों के साथ आएंगे, वहां चूहों को पकड़ेंगे और कलेक्टर के सामने उनका पर्दाफाश करेंगे।
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