अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सदर अस्पताल सासाराम के एमसीएच परिसर में आज गुरुवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) को लेकर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला कर्मियों को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और शिकायत की प्रक्रिया से अवगत कराना रहा।
कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन एवं अन्य चिकित्सकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान यौन उत्पीड़न की परिभाषा, उसकी विभिन्न श्रेणियों तथा इससे जुड़े निवारण एवं कानूनी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ हीं यौन उत्पीड़न के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक प्रभावों पर भी चर्चा की गई।
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी आफरिन तरन्नुम ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के असहज व्यवहार को यौन उत्पीड़न की श्रेणी में माना जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महिला सहकर्मी का बार-बार पीछा करना, अनचाहे मैसेज भेजना, जैसे रोजाना व्हाट्सएप पर ‘गुड मॉर्निंग’ या ‘गुड नाइट’ संदेश भेजना भी यौन उत्पीड़न के अंतर्गत आ सकता है, यदि इससे महिला असहज महसूस करती है।
उन्होंने जानकारी दी कि यौन उत्पीड़न की शिकार महिला कर्मी कार्यालय में गठित आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसके अलावा ‘सी-बॉक्स’ के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध है। हर कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। वहीं कार्यशाला के माध्यम से महिला कर्मियों को सजग, जागरूक और निर्भीक होकर अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।
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