लखनऊ। जाति जनगणना को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है। जाति का कॉलम तक नहीं,ये गिनेंगे क्या ? जाति जनगणना न करना साजिश है। जातिगत जनगणना भाजपा का जुमला है।पीडीए को अपने मान-सम्मान, आरक्षण और अधिकार की लड़ाई ख़ुद लड़नी होगी। उन्होंने आगे कहा कि PDA को अपनी लड़ाई लड़नी होगी। भाजपा का मतलब ‘धोखा’ लिख देना चाहिए।

अखिलेश ने भाजपा को घेरा

अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है, गिनेंगे क्या। जातिगत जनगणना भी भाजपा का जुमला है। भाजपा का सीधा फ़ार्मूला है, न गिनती होगी, न आनुपातिक आरक्षण-अधिकार देने का जनसांख्यिकीय आधार बनेगा। जातिगत जनगणना न करना पीडीए समाज के ख़िलाफ़ भाजपाई साज़िश है।

READ MORE: 76 साल का हो गया उत्तर प्रदेश: राष्ट्रपति मुर्मू, PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने दी बधाई, राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में होगा भव्य कार्यक्रम

भरोसा करने वाले अपने को ठगा

आज भाजपा पर भरोसा करनेवाले अपने को ठगा हुआ ही नहीं बल्कि घोर अपमानित भी महसूस कर रहे हैं। भाजपा में जो कार्यकर्ता व नेता अब तक जातिगत जनगणना करवाने का दावा कर रहे थे, वो अब अपने समाज में मुँह दिखाने लायक नहीं बचे। वो अब गले से भाजपाई पट्टा और घरों, दुकानों, वाहनों से भाजपा का झंडा उतारने के लिए मजबूर हैं। पीडीए को अपने मान-सम्मान, आरक्षण और अधिकार की लड़ाई ख़ुद लड़नी होगी।

ये भाजपाई चालाकी नहीं बेशर्मी है

अब जब विरोध होगा तो ‘छलजीवी भाजपा’ फिर कहेगी ये टाइपिंग मिस्टेक हो गयी। भाजपा अब इतनी बुरी तरह एक्सपोज़ हो गयी है कि सबको मालूम है कि अपने गलत मंसूबों के भंडाफोड़ होने के बाद आगे क्या करेगी। दरअसल ये भाजपाई चालाकी नहीं, भाजपाई बेशर्मी है। अब शब्दकोशों में ‘वचन-विमुखी’ भाजपा का मतलब ‘धोखा’ लिख देना चाहिए।