अमित पांडेय, सीधी। मूक-बधिर नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में सीधी जिले के पुलिस अधीक्षक ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीधी अब भारत का पहला जिला बन गया है, जहां सभी थानों और पुलिस चौकियों में साइन लैंग्वेज आधारित QR कोड सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। यह पहल बेंगलुरु स्थित एक साइन लैंग्वेज कंपनी की ओर से विकसित की गई है, जो देशभर में मूक-बधिरों के लिए संचार और अनुवाद के क्षेत्र में कार्यरत है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मूक-बधिर व्यक्ति बिना किसी परेशानी के सीधे अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकें।
कंपनी और एमपी शासन के बीच MoU पर हस्ताक्षर
दरअसल जब कोई मूक-बधिर व्यक्ति सीधी जिले के किसी भी थाने में लगे QR कोड को स्कैन करेगा, तो वह सीधे बेंगलुरु स्थित कंपनी के कॉल सेंटर से वीडियो कॉल के जरिए जुड़ जाएगा। कॉल सेंटर में मौजूद प्रशिक्षित वालंटियर उसकी साइन लैंग्वेज को तुरंत समझेंगे और उसे सामान्य भाषा में अनुवाद कर संबंधित थाना प्रभारी या पुलिस स्टाफ को बताएंगे कि व्यक्ति क्या कहना चाहता है और उसकी शिकायत क्या है। इस तकनीक को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए कंपनी और मध्य प्रदेश शासन के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत, कंपनी न केवल तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है, बल्कि कॉल सेंटर में प्रशिक्षित वालंटियर, सॉफ्टवेयर सपोर्ट और साइन लैंग्वेज अनुवाद की पूरी जिम्मेदारी भी निभा रही है।
पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया
इस अभिनव पहल के तहत, आनंद सर्विस सोसायटी मूक-बधिर संस्था, इंदौर के सचिव ज्ञानेंद्र पुरोहित के नेतृत्व में सीधी पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, सभी एसडीओपी, विभिन्न थानों और चौकियों के प्रभारी शामिल रहे। ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है जब पूरे जिले के सभी थानों में एक साथ मूक-बधिरों के लिए यह सुविधा लागू की जा रही है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


