राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश में डॉ मोहन कैबिनेट की बैठक में आज अहम फैसलों पर मुहर लगी है। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चेतन कश्यप ने फैसलों की जानकारी दी। बैठक में सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित आदिवासी बंधुओं के 25,602 परिवारों को पूर्व में आवासीय पट्टे प्रदान किए गए थे, जिनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी। अब सरकार द्वारा इन सभी आवासों की रजिस्ट्री निःशुल्क कराने का निर्णय लिया है।

  • कैबिनेट में 2 सिंचाई परियोजनाओं (धनवाही और बरही) को स्वीकृति मिली है।
  • वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31तक के लिए कई विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता का निर्णय लिया गया।
  • राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों को महिला एवं बाल विकास में विलय करने की स्वीकृति मिली।
  • 4 साल के लिए सरकार की विभिन्न योजनाएं निरंतर जारी रहेगी। संबल योजना निरंतर जारी रहेगी। पशु विकास की योजना,
  • किशोर कल्याण निधि योजना, महिला पीड़ित के लिए सहायता योजना, उद्यम योजना निरंतर जारी रहेगी। इससे 15009 करोड़ का वित्तीय भार सरकार पर आएगा।
  • राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करके कर्मचारियों का संविलियन महिला बाल विकास में किया गया।

इन विषयों पर भी हुई चर्चा

  • मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने भावांतर योजना को पूर्णता लागू किया।
  • प्रदेश सरकार द्वारा भावांतर योजना का भुगतान तत्काल 2 माह के अंदर किया गया।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 जनवरी को महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का किया लोकार्पण।
  • प्रदेश ने पहली बार भोपाल में 30 जनवरी को पुष्प महोत्सव आयोजित किया। यह केवल फूलों की प्रदर्शनी नहीं बल्कि फूलों के माध्यम से मध्य प्रदेश के किसानों की आमदनी बढाने का एक उत्सव था।

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