अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि वेनेजुएला में 3 जनवरी को हुए सैन्य ऑपरेशन में अमेरिका ने एक सीक्रेट हथियार का इस्तेमाल किया। ट्रम्प के मुताबिक इस हथियार की वजह से रूस और चीन के डिफेंस सिस्टम काम नहीं कर पाए। नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग सैन्य बेस पर सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने इस हथियार को ‘डिसकम्बोबुलेटर’ कहा। हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया।

ट्रम्प ने क्या कहा ?

अपने सम्बोधन में ट्रम्प ने कहा कि, अमेरिकी सैनिकों के ऑपरेशन में वेनेजुएलाई सैनिकों को एक भी गोली चलाने का मौका नहीं मिला। रूसी उपकरण काम नहीं किए। चीनी उपकरण काम नहीं किए। सब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा क्यों हुआ। एक दिन आपको इसके बारे में पता चलेगा।

यह पहली बार है जब ट्रम्प ने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इस सीक्रेट हथियार का जिक्र किया है। इससे पहले वह एक बार जिक्र कर चुके थे। पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मुझे इसके बारे में बात करने की अनुमति नहीं है। लेकिन इतना बता दूं, सब कुछ गड़बड़ा दिया गया था।”

अमेरिका ने हमले के लिए 150 विमानों का इस्तेमाल किया

अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एयर फोर्स जनरल डैन केन के मुताबिक, वेनेजुएला पर हमले के लिए 20 ठिकानों से 150 से ज्यादा विमानों ने उड़ान भरी। इनमें बॉम्बर्स, फाइटर जेट, इंटेलिजेंस और सर्विलांस प्लेटफॉर्म शामिल थे। इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिक रात के अंधेरे में हेलिकॉप्टर से वेनेजुएला की राजधानी कराकास पहुंचे। उन्होंने भारी सुरक्षा के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया।

वेनेजुएला के अधिकारियों के मुताबिक, हमले की शुरुआत अमेरिकी बमबारी से हुई थी, जिसमें सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई में 83 लोगों की मौत हुई और 112 से ज्यादा लोग घायल हुए। ट्रम्प ने बताया कि किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई, लेकिन तीन हेलिकॉप्टर पायलट घायल हुए हैं।

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