बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एसडीएम और उसके साथियों द्वारा कथित रूप से अवैध उत्खनन रोकने के नाम पर तीन ग्रामीणों की पिटाई की गई थी। पिटाई से घायल 62 वर्षीय आदिवासी किसान की मौत हो गई। वही दो ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी है। दोनों घायल ग्रामीणों के बयान के आधार पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया, उनके साथ गए उनके बाहरी साथी विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव व सुदीप यादव पर राजपुर थाने में धारा 103,115(2),3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्हें अदालत में न्यायिक रिमांड के लिए पेश कर जेल दाखिल करने की तैयारी में पुलिस हैं।

इसे भी पढ़ें : CG NEWS: घर लौट रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज में बुजुर्ग की मौत, ग्रामीणों ने SDM पर लगाया हत्या का आरोप

बता दें कि इस मामले में कांग्रेस ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में एसपी वैभव बैंकर ने इस मामले में पूर्व में स्पष्ट कर दिया था कि मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लल्लूराम से बात करते हुए बताया कि एसडीएम समेत चारों के खिलाफ एफआईआर कायम कर उन्हें हिरासत में ले आगे की न्यायिक प्रक्रिया की जा रही हैं।

इसे भी पढ़ें : SDM की पिटाई से बुजुर्ग की मौत! भूपेश बघेल ने घटना को बताया ‘प्रशासनिक आतंकवाद’, BJP बोली- जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक में हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध खनन की जांच करने के लिए कुसमी एसडीएम करुण डहरिया गए हुए थे। आरोप है कि वह प्राइवेट गाड़ी में प्राइवेट लोगों को लेकर पहुंचे हुए थे। सरना के पास तीन ग्रामीणों को एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने रोका एवं पूछा कि कहां से आ रहे हो। इसके बाद अवैध उत्खनन का आरोप लगा रॉड,डंडे और लात–घूंसों से पिटाई कर दी। ग्रामीणों को बेहोश होने तक के पीटा गया। मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया,जहां इलाज के दौरान 62 वर्षीय ग्रामीण रामनरेश राम की मौत हो गई। वहीं 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी हैं।

एसडीएम और अन्य लोगों ने ग्रामीणों पर किया लाठी-डंडों से हमला

यह घटना रविवार–सोमवार की दरमियानी रात करीब 2:00 बजे हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बिना किसी पूछताछ या जांच के एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने ग्रामीणों पर आरोप लगा लाठी डंडों से हमला कर दिया। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि मारपीट में ग्रामीणों के घायल होने के बाद एसडीएम ने सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा को भी फोन कर बुलवाया ताकि यह दिखाया जा सके की पूरा राजस्व अमला अवैध खनन की जांच के लिए गया हुआ था ।

मामले में घायल ग्रामीण आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेहूं के खेत में पानी की सिंचाई करने गए हुए थे। लौटने के दौरान बिना किसी पूछताछ या जांच अवैध खनन का आरोप लगा उनकी पिटाई की गई। मामला सामने आने के बाद एसडीएम और उनके तीनों साथियों को पुलिस ने हिरास्त में ले लिया था और पूछताछ कर रही थी।

विवादित रहें हैं एसडीएम करुण डहरिया

एसडीएम करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में घिरते रहे हैं। जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने एक छात्र को तमाचा मार दिया था जिसके बाद छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रशिक्षण के दौरान गरियाबंद जनपद सीईओ रहने के दौरान नवंबर 2022 में उन्हें नलकूप खनन का बिल पास करने बीस हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने भी गिरफ्तार किया था।