कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार ने हाल ही में राज्य के अंदर खुले में मांस-मछली की बिक्री करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया था, जिसके तहत नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से उठाया गया है। विभाग द्वारा राज्य के सभी शहरों में बिना वैध लाइसेंस के चल रही मीट शॉप्स को बंद करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। होली के मौके पर यह उन दुकानदारों के लिए बड़ा झटका है, जो राज्य में मांस-मछली की बिक्री कर अपना जीवन यापन करते हैं।
गौरतलब है कि बजट सत्र के दौरान बीते दिनों डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने यह घोषणा कि थी की प्रदेश में अब खुले में मांस-मछली बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि, मीट शॉप चलाने वाले सभी दुकानदारों को वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य है और बिना लाइसेंस चल रही दुकानों को तुरंत बंद किया जाएगा। बिहार सरकार का कहना है कि स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने यह कदम उठाना जरूरी है।
अब इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से निर्देश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि, विभाग के संज्ञान में आया है कि अनेक शहरी क्षेत्रों में बिना विधिवत अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के मांस-मछली की दुकानें संचालित की जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कई स्थानों पर अवैध रूप से मांस-मछली का विक्रय किया जा रहा है। कई दुकानों में निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है तथा खुले एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में बिक्री की जा रही है, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
यह भी पाया गया कि अनेक दुकानें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों के निकट संचालित हो रही हैं, जो नियमों के विपरीत है। ऐसी गतिविधियां न केवल विधि-विरुद्ध बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता एवं सार्वजनिक व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती हैं।
उक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि- बिना वैध अनुज्ञप्ति संचालित मांस-मछली की दुकानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाय। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाली दुकानों को बंद कराया जाय। धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों के निकट संचालित दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाय। भविष्य में ऐसी दुकानों के संचालन हेतु निर्धारित नियमों एवं शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाय।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुज्ञप्ति संचालित दुकानों के विरूद्ध बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 (4) के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध दुकानों को बंद कराएं तथा इसका अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराएं।
राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से भी अपील की गई है की वे नियमों का पालन करें तथा बिना लाइसेंस किसी भी प्रकार का व्यापार संचालित न करें।
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