गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर स्थित सिविल अस्पताल में प्रबंधन की एक संवेदनहीन लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के मुर्दाघर (मर्चुरी) में रखा एक महिला का शव फ्रीजर खराब होने के कारण पूरी तरह खराब हो गया। जब दो दिन बाद परिजन शव लेने पहुंचे, तो शव की हालत देख उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।

क्या है पूरा मामला?

गांव कोट के रहने वाले गुरमुख सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी मनदीप कौर की 24 फरवरी को हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी। उनके बच्चे विदेश में रहते हैं, जिसके कारण बच्चों के आने तक शव को सुरक्षित रखने के लिए 24 फरवरी को ही सिविल अस्पताल गुरदासपुर के मुर्दाघर में रखवाया गया था।

स्टाफ पर लापरवाही के आरोप

मृतका के पति गुरमुख सिंह के अनुसार, शव रखने के समय उन्होंने स्टाफ से फ्रीजर चेक कराने का अनुरोध किया था। लेकिन वहां मौजूद कर्मचारी ने यह कहकर मना कर दिया कि फ्रीजर बिल्कुल सही चल रहा है। आज जब दो दिन बाद परिजन शव लेने पहुंचे, तो लाश पूरी तरह सड़ चुकी थी और चेहरा पहचान में भी नहीं आ रहा था।
“अस्पताल स्टाफ ने फ्रीजर चेक नहीं करने दिया और कहा कि सब ठीक है। उनकी इसी लापरवाही के कारण मेरी पत्नी के पार्थिव शरीर का यह हाल हुआ है। जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।- गुरमुख सिंह, मृतका के पति.

अस्पताल प्रशासन की सफाई

इस पूरे मामले पर मेडिकल ऑफिसर सुखदीप सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण फ्रीजर अचानक बंद हो गया था। उन्होंने कहा, “बाहर से मशीन चलती हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन अंदर कूलिंग (ठंडक) नहीं हो पा रही थी।” अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और यदि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।