पटना। बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मार्च की शुरुआत में ही चिलचिलाती धूप ने अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में बांका 33.6°C के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और अधिकतम तापमान 36°C के पार जा सकता है। हालांकि, रात और सुबह के समय ग्रामीण इलाकों में हल्की ठंडक बरकरार है।
10 मार्च को बारिश और ओलावृष्टि के आसार
अगले 6 दिनों तक आसमान साफ रहेगा, लेकिन 10 मार्च से मौसम करवट लेगा। उत्तर-पूर्व बिहार के पांच जिलों—सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
ग्लोबल वार्मिंग और ला-नीना का प्रभाव
पटना मौसम केंद्र के निदेशक आनंद शंकर के मुताबिक, तापमान में यह अचानक वृद्धि ग्लोबल वार्मिंग का नतीजा है। वर्तमान में ‘ला-नीना’ की स्थिति कमजोर होकर न्यूट्रल हो रही है, जिससे मानसून के वितरण में असमानता आ सकती है। इसके कारण 2026 में उत्तर बिहार में बाढ़ और दक्षिण बिहार में सूखे जैसी दोहरी मार पड़ने की आशंका है।
अप्रैल से जून तक भीषण हीटवेव का खतरा
इस साल लू वाले दिनों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। अप्रैल से जून के बीच पारा 40°C के पार जा सकता है, जिससे न केवल स्वास्थ्य और कृषि प्रभावित होगी, बल्कि दक्षिण बिहार में गंभीर जल संकट भी पैदा हो सकता है। पिछले 15 वर्षों का ट्रेंड बताता है कि ठंड अब समय से पहले विदा हो रही है।
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