पटना। बिहार में इस साल सूरज के तेवर समय से पहले ही तल्ख हो गए हैं। मार्च के शुरुआती दिनों में ही पटना और मोतिहारी जैसे शहरों में पारा सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार ‘हीट वेव’ (लू) अपने निर्धारित समय से लगभग एक महीना पहले, यानी मार्च के अंत में ही दस्तक दे सकती है। यदि पारा 40°C के पार गया, तो पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएगा।
प्रमुख जिलों का हाल और रिकॉर्ड की आहट
वर्तमान में मोतिहारी में तापमान 33.4°C और राजधानी पटना में 32.6°C दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2011 के बाद, मार्च महीने का अब तक का सबसे उच्चतम तापमान 2021 में 39.6°C रहा था। इस बार जिस रफ्तार से गर्मी बढ़ रही है, उससे मार्च के अंतिम सप्ताह तक पारा 40 डिग्री के पार जाने की पूरी आशंका है।
आखिर क्यों भड़क रही है गर्मी?
मौसम विभाग (पटना केंद्र) के अनुसार, इस अप्रत्याशित गर्मी के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हैं:
अल-नीनो प्रभाव: समुद्र की सतह के तापमान में बदलाव का सीधा असर बिहार की आबोहवा पर पड़ रहा है।
शुष्क पछुआ हवाएं: उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली गर्म और सूखी हवाएं मैदानी इलाकों को तपा रही हैं।
वर्षा प्रणाली का अभाव: वर्तमान में कोई सक्रिय वेदर सिस्टम नहीं है, जिससे बादल नहीं बन रहे और सूर्य की किरणें सीधे धरती को गर्म कर रही हैं।
अगले सप्ताह की चेतावनी
अगले कुछ दिनों में बिहार के कई जिलों में पारा 36-38°C तक जा सकता है। स्थानीय स्तर पर कम होती हरियाली ‘हीट इंडेक्स’ को और खतरनाक बना रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अभी से दोपहर की चिलचिलाती धूप से बचने की सलाह दी है।
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