अमित पांडेय, खैरागढ़। राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहड़ में अवैध रेत उत्खनन को लेकर फायरिंग और मारपीट के चर्चित मामले में लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी संजय सिंह आखिरकार न्यायालय में पेश हुआ। पुलिस की लगातार कार्रवाई, स्थायी गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति कुर्की की संभावित कार्रवाई के दबाव में आरोपी ने सरेंडर किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।
पूरा मामला 11 जून 2025 की शाम का है। ग्राम मोहड़ नदी में अवैध रूप से रेत निकालने के लिए जेसीबी मशीन से रैम्प तैयार किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचकर विरोध करने लगे। इसी दौरान एक कार में सवार 7–8 लोग वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि विवाद के दौरान फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।


घटना के बाद ग्रामीणों की शिकायत पर बसंतपुर थाना में हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट और खनिज अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था, जबकि दो आरोपी संजय सिंह और अमन बैसन्दर घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कराया और उनके खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई भी की। भिंड और ग्वालियर स्थित उनके संभावित ठिकानों पर नोटिस चस्पा किए गए और स्थानीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशन कराया गया, जिसमें उन्हें 16 मार्च 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई तेज होने और संपत्ति कुर्की की आशंका के बीच दोनों आरोपी 10 मार्च को न्यायालय में पेश हुए। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें बसंतपुर थाना पुलिस को सौंपा गया और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय सिंह मध्यप्रदेश के भिंड जिले का निवासी है और वह छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ा रहा है। बताया जा रहा है कि वह राजनांदगांव में संगठन के विस्तारक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय रहा था। हालांकि पुलिस की आधिकारिक जानकारी में इस संगठनात्मक संबद्धता की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन और फायरिंग से जुड़े इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और प्रकरण की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है।

