रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. अम्बारा मथाई के लाल शिव कुमार ने दूसरी बार भारतीय पैरा क्रिकेट टीम में जगह बनाई है. यह उपलब्धि न केवल उनके गांव और जिले के लिए, बल्कि पूरे देश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है. डिफरेंटली एबल्ड फेडरेशन ऑफ क्रिकेट (DAFC) ने शिव कुमार का चयन श्रीलंका में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय पैरा टी-20 (DAFC-20 International Para Cricket T-20) प्रतियोगिता के लिए किया है.

जिले के दीनशाह गौरा ब्लॉक के ग्राम अम्बारा मथाई निवासी शिव कुमार के पिता रतीपाल खेती-किसानी करते हैं, जबकि माता छिटाना गृहिणी हैं. साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले शिव कुमार ने अपनी लगन, कड़ी मेहनत और असाधारण खेल प्रतिभा से यह मुकाम हासिल किया है. यह उनका दूसरा अंतर्राष्ट्रीय चयन है, जो उनके निरंतर प्रयासों और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है.

इसे भी पढ़ें : बाबा’राज’ में बलात्कारी का सम्मान! सजा नहीं मौज काट रहा रेपिस्ट आसाराम, बाबा विश्वनाथ मंदिर में मिला VIP प्रोटोकॉल, ऐसे आएगा ‘रामराज’?

शिव कुमार ने बताया कि डीएएफसी की ओर से उनका चयन किया गया है. वे 3 से 5 अप्रैल तक कोलंबो, श्रीलंका में होने वाली डीएएफसी-20 अंतर्राष्ट्रीय पैरा क्रिकेट टी-20 प्रतियोगिता में भारतीय टीम की ओर से खेलेंगे. इस टूर्नामेंट में भारत सहित कई देशों की टीमें भाग लेंगी, जहां पैरा क्रिकेटर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. शिव कुमार का लक्ष्य है कि वे टीम में योगदान देकर देश का नाम रोशन करें. वर्तमान में शिव कुमार बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. नौकरी की व्यस्तता के बावजूद वे क्रिकेट प्रशिक्षण और मैचों के लिए समय निकालते हैं.

ये दोहरी जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं है, लेकिन शिव कुमार का जज्बा उन्हें हर चुनौती पार करने की ताकत देता है. वे कहते हैं कि खेल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो उन्हें आत्मविश्वास और ऊर्जा प्रदान करता है।शिव कुमार की यह सफलता दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि शारीरिक अक्षमता किसी भी सपने को रोक नहीं सकती. उनकी कहानी उन हजारों युवाओं को प्रेरित करेगी जो चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ना चाहते हैं.