कर्ण मिश्रा,नई दिल्ली/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में 2021 की भीषण बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि “याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है”।

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इस फैसले के बाद अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी की संभावना तेज हो गई है। पुलिस अब पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। विशेष न्यायालय श्योपुर और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच से पहले ही उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। तीनों स्तरों पर राहत न मिलने से मामला और गंभीर हो गया है।

घोटाले का खुलासा और आरोप

2021 में श्योपुर जिले में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान प्रभावितों को दी जाने वाली राहत राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप है। जांच में 2.57 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा हुआ था। इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार बड़ौदा अमिता सिंह तोमर मुख्य आरोपी हैं। कुल 110 लोग आरोपी हैं, जिनमें 28 पटवारी भी शामिल हैं। आरोप है कि राहत राशि के वितरण में फर्जीवाड़ा किया गया और बाढ़ पीड़ितों को उनका हक नहीं मिला।

KBC फेम से सुर्खियों में आई थीं अमिता सिंह

अमिता सिंह तोमर 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) सीजन-5 में भाग लेकर 50 लाख रुपये जीते थे। वे  ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से प्रदेश में चर्चित रहीं। वर्तमान में वे श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील में तहसीलदार पद पर तैनात हैं। उपभोक्ता संगठन और स्थानीय लोग लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब जांच एजेंसी और पुलिस तेजी से कार्रवाई कर सकती है।

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