दिल्ली में यमुना नदी पर बने ऐतिहासिक ‘लोहे का पुल’ को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। आज से इस पुल पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। अब रेल यातायात को पास में बने नए रेलवे पुल पर शिफ्ट किया जा रहा है, जो पुराने लोहे के पुल के ठीक बगल में तैयार किया गया है। यह पुल ब्रिटिश काल में बनाया गया था और लंबे समय तक दिल्ली के रेल और सड़क यातायात का अहम हिस्सा रहा। हालांकि, समय के साथ यह पुल जर्जर हो चुका है और इसकी निर्धारित मियाद कई साल पहले ही पूरी हो चुकी थी। नए निर्णय के बाद अब इस ऐतिहासिक पुल पर सिर्फ सड़क यातायात ही संचालित होगा, जबकि ट्रेनों को पूरी तरह नए पुल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
दिल्ली में यमुना नदी पर बना मशहूर ‘लोहे का पुल’ करीब 150 साल पुराना यह ऐतिहासिक पुल अब जर्जर हो चुका है, जिसके चलते इस पर ट्रेनों का संचालन बंद करने का फैसला लिया गया है। वर्ष 1866-67 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए इस पुल ने पुरानी दिल्ली को शाहदरा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। करीब 3500 टन लोहे से बना यह पुल लंबे समय तक राजधानी की पहचान रहा और रेल व सड़क यातायात का प्रमुख जरिया बना रहा। हालांकि, समय के साथ इसकी संरचना कमजोर हो गई, जिससे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
दिल्ली में यमुना नदी पर बना ऐतिहासिक ‘लोहे का पुल’ अब ट्रेनों के लिए बंद किया जा रहा है। लंबे समय तक सेवा देने के बाद यह पुल अब “रिटायर” हो रहा है और इसकी जगह नया आधुनिक रेलवे पुल ले रहा है। नए पुल के शुरू होने से ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेगी। पुराने पुल के जर्जर होने और तकनीकी सीमाओं के चलते यह फैसला लिया गया है।
हर साल दिल्ली में बाढ़ के दौरान इस लोहे के पुल को अस्थायी रूप से कई दिनों के लिए बंद करना पड़ता था, जिससे कई ट्रेनें रद्द होती थीं और कई के रूट बदलने पड़ते थे। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब नए रेलवे पुल के चालू होने के बाद यह समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। नए पुल को इस तरह तैयार किया गया है कि उस पर मौसम या बाढ़ का असर न्यूनतम रहे और ट्रेनों का संचालन बिना बाधा जारी रह सके।
तैयार हुआ नया रेलवे पुल
अब तक पुराने पुल पर ट्रेनों को गुजरते समय रफ्तार काफी कम करनी पड़ती थी, जिससे समय अधिक लगता था और संचालन प्रभावित होता था। लेकिन नए पुल पर ट्रेनों की स्पीड पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और वे सामान्य रफ्तार से पुल पार कर सकेंगी। इस बदलाव से समय की बचत होगी, ट्रेनों का संचालन अधिक स्मूद और तेज होगा, दुर्घटना का खतरा कम हो जाएगा हालांकि, नए रेलवे पुल पर सड़क यातायात या पैदल यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, पुराने लोहे के पुल पर सड़क यातायात पहले की तरह जारी रहेगा।
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