मुजफ्फरपुर। जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध कारोबार और उनके व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान शुरू किया है। आम जनता के हक को छीनकर मुनाफाखोरी करने वाले गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए प्रशासन ने एक साथ कई मोर्चों पर रेड डाली। अब तक की कार्रवाई में 30 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 4 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है।

​प्रशासनिक सक्रियता और छापेमारी का दायरा

​जिला प्रशासन को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों को होटलों, ढाबों और छोटे कारखानों में अवैध रूप से खपाया जा रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए, जिला आपूर्ति पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में एक व्यापक रणनीति बनाई गई। प्रशासन ने पूर्वी और पश्चिमी दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों (SDM) की देखरेख में विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्थित लगभग 250 संदिग्ध ठिकानों पर औचक छापेमारी की।

​घरेलू गैस का व्यावसायिक खेल

​छापेमारी के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई स्थानों पर घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे कमर्शियल सिलेंडरों में रिफिल किया जा रहा था, जो कि न केवल गैरकानूनी है बल्कि अत्यंत जोखिम भरा भी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जो सिलेंडर आम जनता के रसोई घर के लिए हैं, उनका उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए करना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। इसी आधार पर अवैध रूप से संग्रहित 30 सिलेंडरों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

​कालाबाजारी रोकने की प्रतिबद्धता

​जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कड़े लहजे में कहा कि गैस आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम उपभोक्ताओं को समय पर और निर्धारित मूल्य पर गैस मिले। प्रशासन ने आगाह किया है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है, चिन्हित किए गए अन्य ठिकानों पर भी आने वाले दिनों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

​जनता से सहयोग की अपील

​इस पूरे अभियान की सफलता में प्रशासन ने जनभागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कहीं भी अवैध गैस कटिंग, भंडारण या कालाबाजारी हो रही है, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या आपूर्ति विभाग को दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।