Navratri Maha Ashtami : चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि की अलग ही मानता होती है, जिसे महाअष्टमी कहा जाता है। इस दिन मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन किया जाता है। इस साल अष्टमी 26 मार्च गुरुवार को पड़ रही है। लोगों का विश्वास है कि इस दिन की गई पूजा या छोटा सा उपाय या केवल मंत्र जाप भी असरदार होता है।

ग्रहों के प्रभाव से बचाव की मान्यता

नवरात्रि को मां दुर्गा की भागती का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि श्रद्धा से की गई पूजा से देवी की कृपा मिलती है। जीवन की परेशानियां कम होती हैं।

नवार्ण मंत्र का महत्व

नवार्ण मंत्र ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे को दुर्गा साधना में विशेष माना गया है। नव का अर्थ नौ और अर्ण का अर्थ अक्षर होता है। इस मंत्र के जब से माता के के आशीर्वाद के साथ विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।

मंत्र जाप के फायदे (Navratri Maha Ashtami)

इस मंत्र के जाप से मन में साहस बढ़ता है और भय कम होता है। जीवन में शांति, तरक्की और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। पढ़ाई, करियर और पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक असर बढ़ जाता है।

मंत्र का अर्थ और जुड़ाव

इस मंत्र के नौ अक्षरों को मां दुर्गा की शक्तियों से जोड़ा जाता है। इसे ब्रह्मा, विष्णु और महेश तथा महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती से संबंधित माना गया है।

जाप करने का तरीका (Navratri Maha Ashtami)

नवार्ण मंत्र का जाप 108 दानों की माला से कम से कम तीन बार करना चाहिए। श्रद्धा, विश्वास और नियम से किया गया जाप अधिक फल दायी माना गया है।