चंडीगढ़। पंजाब के बाघापुराणा में ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद के लिए होने वाले चुनावों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अब 28 मार्च, 2026 को नए सिरे से चुनाव कराने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजामों के निर्देश दिए हैं।

हाई कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए वकील जसजत कौर को ऑब्जर्वर (निरीक्षण अधिकारी) नियुक्त किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियो ग्राफी करवाई जाएगी। प्रशासन ऑब्जर्वर को इन्नोवा गाड़ी और पंजाब पुलिस की कड़ी सुरक्षा मुहैया कराएगा। चुनाव के बाद ऑब्जर्वर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे हाई कोर्ट को सौंपेंगे।

SDM और DC विवाद पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान बाघापुराणा के SDM भवंदीप व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। कोर्ट ने SDM और DC के बीच चल रहे विवाद और SDM द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के सार्वजनिक (लीक) होने पर गहरी नाराजगी जताई।

9 साल का अनुभव, फिर भी प्रक्रिया में चूक

अदालत ने नोट किया कि अधिकारी के पास लगभग नौ साल का अनुभव है, इसके बावजूद उन्होंने शिकायत दर्ज कराने के लिए उचित सरकारी फोरम (चंडीगढ़) का सहारा लेने के बजाय पत्र को सार्वजनिक होने दिया। जब कोर्ट ने सवाल किया, तो SDM ने जवाब दिया कि उस समय वह “सही मानसिक स्थिति में नहीं थे।” कोर्ट ने सलाह दी कि एक PCS अधिकारी होने के नाते उन्हें पता होना चाहिए था कि शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करनी है। यह पत्र एक ‘तीसरे पक्ष’ के जरिए अदालत तक पहुँचा, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह पैदा हुआ।