Lalluram Desk. क्या 2020 में कोविड का वह डरावना मंंजर फिर लौटेगा? भारत में संभावित लॉकडाउन की खबरों ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है. ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट के बीच, क्या देश की रफ्तार सचमुच थम जाएगी? प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में देश को क्या भरोसा दिलाया? इस विशेष रिपोर्ट में अफवाह और हकीकत के बीच का फर्क समझिए.

पिछले 24 घंटों में “भारत में लॉकडाउन” (Lockdown in India) के लिए सर्च में ज़बरदस्त उछाल आया है. लोगों को डर है कि चार साल पहले (24 मार्च, 2020 को) जैसी स्थिति फिर से पैदा हो सकती है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह महज पुरानी यादें और मन का डर है.

COVID का खतरा कम हुआ; युद्ध की चिंताएं बढ़ीं

भारत में COVID-19 का खतरा अब न के बराबर है (फरवरी तक सिर्फ 7 एक्टिव केस रिपोर्ट हुए हैं). हालांकि, अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जो 28 फरवरी को शुरू हुआ उसने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. लोग यह जानने के लिए सर्च कर रहे हैं कि क्या देश को खास तौर पर “युद्ध की वजह से” लॉकडाउन का सामना करना पड़ेगा.

संसद में PM मोदी का बड़ा बयान

बजट सत्र के दौरान PM मोदी ने साफ़ किया कि सरकार किसी भी वैश्विक संकट का बोझ भारतीय किसानों या आम जनता पर नहीं पड़ने देगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैयार है.

क्या होर्मुज संकट देश की प्रगति रोक देगा?

दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुज़रता है. हालांकि, संघर्ष की वजह से इस इलाके में सप्लाई में रुकावट आई है, लेकिन PM मोदी ने बताया कि भारत अब अपनी तेल की जरूरतों के लिए सिर्फ 27 नहीं, बल्कि 41 देशों पर निर्भर है. इसका मतलब है कि सप्लाई में पूरी तरह से रुकावट आने का खतरा कम है.

लॉकडाउन की कोई जरूरत नहीं; घबराएं नहीं

सरकार ने बार-बार यह साफ किया है कि देश के पास तेल और गैस का पर्याप्त भंडार है. इसलिए, घबराने या ऐसी स्थिति पैदा होने की कोई गुंजाइश नहीं है जिसमें लॉकडाउन लगाना पड़े. सरकार ने सिर्फ़ संसाधनों के “समझदारी से इस्तेमाल” की अपील की है.

24 मार्च की पुरानी यादें

24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की बरसी थी. यह खास तारीख ही ऑनलाइन सर्च में हाल में आई तेजी के पीछे एक अहम वजह है. लोग उस दौर की यादें शेयर कर रहे थे, जिसे इंटरनेट एल्गोरिदम ने एक ‘ट्रेंड’ बना दिया था.

भारत की रणनीतिक तैयारी मजबूत है

PM मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि पिछले 11 सालों में भारत ने ऐसे संकटों से निपटने की मज़बूती हासिल कर ली है. हमारे पास कच्चे तेल और ईंधन का काफी भंडार है, जिससे यह पक्का होता है कि देश की रफ़्तार बिना किसी रुकावट के चलती रहेगी.

अफवाहों से दूर रहें; सुरक्षित रहें

फ़िलहाल, भारत में किसी भी तरह के लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है. हालाँकि यह टकराव बेशक पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है, फिर भी सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए एक ‘प्लान B’ तैयार किया है.

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