शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने पूर्व एसीएस मोहम्मद सुलेमान, IAS अधिकारी तारो राठी, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. डी.के. तिवारी और मंदसौर के सीएमएचओ डॉ. गोविंद चौहान को दो-दो महीने की कैद की सजा सुनाई है।

क्या है मामला ?

यह पूरा मामला मंदसौर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को स्पष्ट आदेश दिया था कि 2004 से 7 अप्रैल 2016 तक के कर्मचारियों को नियमित किया जाए। विभाग को इस आदेश को लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ। इसके बाद कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में 9 अवमानना याचिकाएं दायर कीं।न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद सभी चार अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया। हालांकि, कोर्ट ने आदेश के पालन का अंतिम अवसर देते हुए सजा को तीन हफ्ते के लिए स्थगित रखा है।

पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा का बयान 

कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जब न्यायालय के आदेश का पालन वरिष्ठतम अधिकारी नहीं करते, तो विधानसभा के निर्देशों और आदेशों का क्या हाल होगा? यह बहुत गंभीर मामला है। सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और अपने स्तर पर भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m