अमृतसर। भारत-पाकिस्तान सीमा पर रावी नदी के पार जाकर खेती करने वाले किसानों की लंबे समय से चली आ रही आवाजाही की समस्या अब हल हो गई है। विधानसभा क्षेत्र अजनाला के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीमावर्ती गांवों के किसानों को दो बड़ी नावें (बेड़े) मुहैया करवाई हैं। यह कदम उन किसानों के लिए जीवनदान साबित होगा, जिन्हें प्रतिदिन अपनी आजीविका के लिए उफनती रावी नदी को पार करना पड़ता है। गौरतलब है कि अजनाला क्षेत्र के गांव बल्ल लब्बे दरिया और आसपास के किसान अपनी जमीन पर खेती करने के लिए नदी पार करने हेतु नावों पर निर्भर हैं।

पिछले साल पंजाब में आई भीषण बाढ़ के दौरान किसानों को पहले प्रदान की गई नावें पानी के तेज बहाव में बह गई थीं। इसके बाद से किसान जान जोखिम में डालकर या भारी मशक्कत के साथ नदी पार कर रहे थे, जिससे खेती का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

नए बेड़े सौंपते हुए धालीवाल ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और हमारी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इन नावों के मिलने से किसान अब बिना किसी रुकावट और खतरे के अपनी जमीन तक पहुंच सकेंगे। इस मौके पर मौजूद किसानों ने पंजाब सरकार और विधायक का धन्यवाद करते हुए कहा कि नाव न होने के कारण उन्हें अपनी फसलों की देखभाल करने में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

किसानों के अनुसार नया बेड़ा मिलने से अब हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है और हम सुरक्षित तरीके से अपनी खेती जारी रख सकेंगे।