Ram Navami 2026 : भगवान राम कई मंदिर देखें होंगे, यहां वह सह परिवार राजा के रूप में विराजमान है. लेकिन देश का एकमात्र ऐसा मंदिर राजस्थान के माउंट आबू में है यहां भगवान राम की तपस्वी के रूप में पूजा की जाती है. यही वजह है कि लोग इसे देखने के लिए खास तौर पर दूर-दूर से आते हैं और यहां की आस्था भी बहुत ज्यादा है. इस मंदिर को अपनी अनोखी पहचान देता है. राजस्थान के माउंट आबू में नक्की झील के पास बना सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर इसी वजह से अलग पहचान रखता है.

इस मंदिर में भगवान राम बाल रूप में अकेले विराजमान हैं. उनके साथ न सीता हैं, न लक्ष्मण. यही बात यहां आने वाले भक्तों को चौकती है. इसलिए यह मंदिर अपने आप में अनोखा है. स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थान बहुत प्राचीन है, जबकि मौजूदा मंदिर करीब 600-650 साल पहले बनाया गया था.
14वीं सदी में मंदिर का हुआ पुन निर्माण
लोगों का मानना है इस जगह का संबंध रामानंद संप्रदाय से है. मान्यता है कि संत रामानंदाचार्य ने 14वीं शताब्दी में यहां मंदिर का निर्माण करवाया था. एक पुरानी मूर्ति गुफा से निकालकर यहां स्थापित की गई थी.
राम कुंड को लेकर खास विश्वास
मंदिर परिसर में मौजूद राम कुंड को लोग बहुत पवित्र मानते हैं. यहां आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि इसके पानी से चर्म रोग,त्वचा से जुड़ी परेशानियों में फायदा मिलता है. कई लोग इस जल को प्रसाद की तरह भी लेते हैं. इस कुंड को लेकर लोगों की आस्था बहुत गहरी है.
रामनवमी पर बढ़ती है रौनक
रामनवमी के मौके पर यहां बहुत बड़ा मेला लगता है. दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की बनावट भी देखने लायक है, बाहर से यह किसी पुराने महल जैसा नजर आता है.
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