Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही ऊहापोह की स्थिति के बीच सरकार ने अपनी सक्रियता दिखाई है। गुरुवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद प्रदेश भर में योजना के तहत 43 हजार से अधिक ट्रांजेक्शन आईडी और इनवॉइस जनरेट हुए हैं। यह आंकड़ा साफ करता है कि योजना न केवल चालू है, बल्कि पूरी मजबूती से काम कर रही है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि सरकार का मुख्य लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति को समय पर इलाज मुहैया कराना है। बता दें कि अस्पतालों और फार्मेसी दुकानों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। दरअसल, कुछ जगहों से इलाज में देरी की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद अब ग्राउंड सूत्रों के अनुसार अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि मरीजों को किसी भी स्तर पर भटकना न पड़े।

अस्पतालों में दिखी भारी भीड़, छुट्टी का भी नहीं पड़ा असर

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि राम नवमी के अवकाश के दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रहीं। गुरुवार को करीब 600 मरीज आईपीडी (IPD) में भर्ती हुए, जबकि एक हजार से ज्यादा लोगों ने डे-care का लाभ लिया। गौरतलब है कि ओपीडी में करीब 23 हजार मरीजों ने डॉक्टर से परामर्श लिया। कुल मिलाकर अस्पतालों में ही 24 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं।

दवाइयों की किल्लत होगी दूर, पेमेंट प्रोसेस शुरू

एडिशनल सीईओ निधि पटेल ने बताया कि सिर्फ अस्पताल ही नहीं, बल्कि फार्मेसी स्टोर्स पर भी दवाओं का वितरण तेजी से हुआ और 19 हजार से अधिक इनवॉइस काटे गए। बड़ी बात यह है कि निजी अस्पतालों और फार्मेसी संचालकों की सबसे बड़ी चिंता ‘भुगतान’ को लेकर थी। इस पर सरकार ने साफ किया है कि भुगतान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है और बकाया पैसा प्राथमिकता के आधार पर रिलीज किया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि कोई भी अस्पताल मरीज को इलाज के लिए मना न करे, वरना उन पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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