दिल्ली: दिल्ली सरकार ने 6.2 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित दो VIP बोट की खरीद योजना को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही इस खरीद प्रक्रिया से जुड़े दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना को लेकर पहले ही सवाल उठाए जा रहे थे। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने लग्जरी बोट्स की खरीद को जनता के पैसे की बर्बादी बताते हुए सरकार पर निशाना साधा था। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने न केवल इस योजना को रद्द करने का फैसला लिया, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
दिल्ली सरकार ने 6.2 करोड़ रुपए की लागत से दो एयर-कंडीशन्ड (AC) नावें खरीदने की योजना को रद्द कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने गुरुवार को इस फैसले की जानकारी दी। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के प्रभारी वर्मा ने बताया कि नावों की खरीद के लिए जारी टेंडर को रद्द कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। वर्मा के अनुसार, संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को बिना पूर्व सूचना के टेंडर जारी करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
टेंडरों की जांच के दिए थे आदेश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 18 मार्च को इस योजना के सामने आने के एक दिन बाद ही मंत्री ने जारी टेंडरों की जांच के आदेश दे दिए थे। मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में नावों की कोई भी खरीद केवल विभाग की आवश्यक जरूरतों तक सीमित रहेगी, जैसे निगरानी (Monitoring) प्रदूषण की मॉनिटरिंग अन्य परिचालन कार्य
16 से 20 लोगों के बैठने की थी क्षमता
पहले जारी टेंडर के अनुसार, सरकार जिन नावों को खरीदने जा रही थी, वे पूरी तरह लक्ज़री वीआईपी बोट्स थीं। इनमें 16 से 20 लोगों के बैठने की क्षमता, कैसेट-टाइप रूफटॉप मरीन एयर कंडीशनर, कस्टमाइज़्ड बिजनेस क्लास पुश-बैक सीटें , खाना परोसने के लिए अलग पेंट्री , पीछे ओपन डेक, जिसमें वीआईपी के लिए 3–4 सीटों वाले सोफे जैसी सुविधाएं प्रस्तावित थीं। मंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में नावों की कोई भी खरीद केवल जरूरी सरकारी कार्यों तक सीमित रहेगी, जैसे निगरानी, प्रदूषण मॉनिटरिंग और अन्य परिचालन जरूरतें।
एचटी को मिले दस्तावेज के अनुसार, इन नावों को बेहद लक्ज़री और वीआईपी उपयोग के लिए डिजाइन किया गया था। इनमें पीछे की ओर ओपन डेक एरिया, जहां वीआईपी के सार्वजनिक रूप से दिखने की व्यवस्था , इस डेक पर 3–4 लोगों के बैठने के लिए सोफा जैसी सीटें , अंदर वीगन लेदर से बनी बिजनेस-क्लास जैसी सीटें , बेहतरीन सिलाई और लकड़ी की फिनिश वाले हैंड रेस्ट , बोतल रखने की जगह (कप होल्डर) छिपी हुई एलईडी और एम्बिएंट लाइटिंग, जिससे प्रीमियम लुक इसके अलावा पहले सामने आई जानकारी के अनुसार नावों में रूफटॉप मरीन एसी, पेंट्री और पुश-बैक सीट्स जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित थीं।
AAP और कांग्रेस ने की थी आलोचना
इस योजना को लेकर सरकार को आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस की आलोचना का सामना करना पड़ा। दोनों दलों ने लग्जरी बोट्स की खरीद को जनता के पैसे की बर्बादी बताया। 18 मार्च को विभाग ने टेंडर के लिए करेक्शन लेटर जारी किया प्रशासनिक कारणों से बोली प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई पहले अंतिम तिथि 18 मार्च थी, जिसे बढ़ाकर 27 मार्च किया गया बाद में पूरे टेंडर को रद्द कर दिया गया
यमुना की सफाई सरकार की प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि यमुना नदी की सफाई उसका प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट है। दिल्ली में पल्ला से बदरपुर (करीब 48 किमी) के साथ-साथ वजीराबाद बैराज के नीचे से असगरपुर गांव (ओखला बैराज के बाद) तक करीब 26 किलोमीटर का हिस्सा नदी में प्रदूषण के मुख्य बोझ के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
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