Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सबसे बड़े अस्पताल SMS मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने अब कमर कस ली है। प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने आज एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक ली, जिसमें उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को दो-टूक शब्दों में साफ कर दिया कि अब मरीज प्रथम की नीति पर ही काम करना होगा।

बैठक के दौरान गायत्री राठौड़ ने इस बात को स्वीकार किया कि प्रदेश के बड़े अस्पतालों में मरीजों का भार (Patient Load) बहुत ज्यादा है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि भीड़ का बहाना बनाकर मरीजों के साथ असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अस्पताल को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना रवैया मरीज-हितैषी रखें ताकि इलाज के लिए आने वालों को मानसिक सुकून मिले। प्रमुख सचिव ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में राज्य की सबसे बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही या असंवेदनशीलता की शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में सभी चिकित्सा अधिकारियों को पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ अपने दायित्व निभाने को कहा गया है। गायत्री राठौड़ ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय पर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। राजधानी के जेएलएन मार्ग और टोंक रोड स्थित अस्पतालों में सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के प्लान पर भी चर्चा हुई।

जयपुर और आस-पास के जिलों से SMS आने वाले हजारों मरीजों के लिए यह खबर राहत भरी है। अक्सर देखा जाता है कि भारी भीड़ की वजह से जूनियर डॉक्टर या स्टाफ का व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। अब सरकार की इस सीधी निगरानी और सख्त कार्रवाई की चेतावनी के बाद अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद है।

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