नेपाल में नई सरकार बनते ही सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है. नेपाल में प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह एक्शन मोड में आ गए हैं. प्रधानमंत्री बालेन शाह की अगुवाई में कैबिनेट के फैसले के बाद जेन जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व गृहमंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जा रहा है कि इन लोगों पर उच्च पदों पर रहते हुए भी Gen Z के विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है.

नेपाल में नई सरकार बनते ही सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रधानमंत्री बालेन के नेतृत्व में बनी सरकार ने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया है.

बताया जा रहा है कि इन लोगों पर उच्च पदों पर रहते हुए भी Gen Z के विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है. इस पूरे मामले को लेकर पीएम बालेन शाह की अध्यक्षता में सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में शुक्रवार को इस मामले को संज्ञान में लिया गया. इसके बाद सरकार के आदेश पर ये कार्रवाई अमल में लाई गई.

नेपाल में प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह एक्शन मोड में आ गए हैं. Gen Z के विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही बरतने वाले लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस मामले में पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गुंडू से गिरफ्तार किया गया है. साथ ही पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है.

बैठक के दौरान पिछले साल सितंबर में हुए जेनरेशन जेड आंदोलन की उच्च स्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला लिया गया. इस दौरान बालेन शाह सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल को अपना प्रवक्ता नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है.

नेपाल की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के मंत्री और प्रवक्ता पोखरेल ने इस पूरे मामले को लेकर पक्ष रखा है. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने पिछले साल के जेनरेशन जेड आंदोलन से संबंधित जांच आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला किया है. जांच आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक सहित अधिकारियों को उच्च पदों पर रहते हुए भी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. जिसके बाद उन सभी को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ अधिकतम 10 साल की कैद की सिफारिश की गई है.

इस मामले में बालेन शाह सरकार तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का मन बना चुकी है. जांच आयोग ने तत्कालीन नेपाल पुलिस महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग सहित कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है. बालेन शाह सरकार तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर भी कड़ा एक्शन लेने के मूड में है. आने वाले समय नेपाल के कई बड़े पुलिस अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे भेजे जा सकते हैं.

बताया जा रहा है कि सुबह तड़के सबसे पहले पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया और उसके कुछ समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इस कदम को नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

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