ईरान में जीतने की जिद पाले अमेरिका अपनी सेना भी उतार सकता है. इसको लेकर जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने इस पर कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा था. इस बीच ईरान के अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने सेना भेजी तो वो ईरान उनके लिए कब्रगाह बन जाएगा. तेहरान टाइम्स ने पहले ही पन्ने पर अमेरिका के जवानों की फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, ‘नरक में आपका स्वागत है.’

इसमें कहा गया है कि अमेरिकी सेना का कोई भी जवान जो ईरानी धरती पर कदम रखेगा, वह ‘केवल ताबूत में ही वापस लौटेगा.’ यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी मीडिया ने शुक्रवार को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य पूर्व में 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है. बता दें कि ईरान के अंदर अमेरिका जमीनी अभियान की तैयारी कर रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बार-बार इस दावे के बावजूद कि तेहरान संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका के साथ शांति वार्ता में लगा हुआ है, यह संभावित तैनाती ईरान के लिए अमेरिकी सेना की बड़ी तैनाती होगी. वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिका के अतिरिक्त सैनिकों का उद्देश्य ट्रम्प को मिडिल ईस्ट में सैन्य विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करना है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से युद्ध की स्थिति में है.

ये अतिरिक्त सैनिक उन हजारों पैराट्रूपर्स और मरीन के साथ शामिल होंगे जिन्हें पहले ही क्षेत्र में भेजा जा चुका है. ईरान के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि तेहरान यमन में अपने हूती सहयोगियों को सक्रिय करके किसी भी अमेरिकी जमीनी आक्रमण का जवाब देगा. हूतियों को लाल सागर में जहाजों पर हमले फिर से शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा, जिससे युद्ध में एक नया मोर्चा खुल जाएगा, जैसा कि अधिकारी ने बताया.

ट्रम्प लगातार कहते रहे हैं कि उनका ईरान के खिलाफ युद्ध अभियानों में जमीनी सैनिकों को भेजने का कोई इरादा नहीं है. यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अतिरिक्त अमेरिकी सेना कहां तैनात की जाएगी. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया है कि उन्हें संभवतः ईरान और खारग द्वीप के करीब तैनात किया जाएगा, जो ईरानी तट से कुछ ही दूरी पर स्थित एक महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है.

ईरान ने हूती विद्रोहियों को सक्रिय करने की दी धमकी

ईरान के एक अधिकारी ने बुधवार (25 मार्च, 2026) को कहा था कि अगर अमेरिका ईरान पर जमीनी हमला करता है तो तेहरान यमन में अपने हूती सहयोगियों को सक्रिय करेगा. हूतियों को लाल सागर में जहाजों पर फिर से हमले शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे, जिससे युद्ध का एक नया मोर्चा खुल जाएगा. ईरान पहले ही धमकी दे चुका है कि अगर अमेरिका ने सेना भेजी तो बाब अल मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों का आना-जाना पूरी तरह रोक दिया जाएगा.

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