पटना। बिहार की राजधानी में स्थित राज्य महिला आयोग का दफ्तर एक फिल्मी दृश्य का गवाह बना। करीब दो घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे और परिजनों के तीखे विरोध के बीच एक प्रेमी जोड़े ने एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाईं। अंततः पुलिस और आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में युवक ने युवती की मांग में सिंदूर भरकर इस रिश्ते को सामाजिक पहचान दी।

​किराएदार से जीवनसाथी बनने का सफर

​मामला खाजेकला थाना क्षेत्र का है। पटना निवासी रौशन कुमार के घर करीब ढाई साल पहले संपतचक की विजया शेखर अपने परिवार के साथ किराए पर रहने आई थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्यार पनपा। विजया ने बताया कि बचपन में दादा के निधन के बाद संपत्ति विवाद के कारण उनका परिवार बेघर हो गया था, जिसके बाद वे किराए के मकानों में रहने को मजबूर थे।

​कोर्ट मैरेज के बाद भी नहीं थमा विवाद

​विजया और रौशन ने 2 जुलाई 2025 को पटना सिटी कोर्ट में अपनी मर्जी से कोर्ट मैरेज कर ली थी। हालांकि रौशन का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था। विजया ने आरोप लगाया कि शादी के बाद भी रौशन की मां और परिजन उसे रिश्ता तोड़ने की धमकियां दे रहे थे। विरोध इतना बढ़ा कि रौशन को घर से बेदखल कर दिया गया और उस पर रिश्ता खत्म करने का दबाव बनाया जाने लगा।

​आयोग में हुआ सिंदूरदान और पुलिस की एंट्री

​जब मामला सुलझता नहीं दिखा, तो यह राज्य महिला आयोग पहुंचा। सुनवाई के दौरान लड़के के परिजन लगातार विरोध करते रहे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायल 112 की टीम को बुलाना पड़ा। आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा मिश्रा और अन्य सदस्यों ने लड़के के परिवार को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए।
​अंत में, रौशन ने सबकी मौजूदगी में विजया की मांग भरी। प्रो. अप्सरा मिश्रा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और स्वेच्छा से साथ रहना चाहते हैं। चूंकि लड़का अपने परिवार का इकलौता और सबसे छोटा भाई है, इसलिए उसे मनाने की कोशिश की गई, पर विफलता हाथ लगने पर जोड़ों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

​सुरक्षा के घेरे में नवदंपति

​फिलहाल, सुरक्षा कारणों से इस नवविवाहित जोड़े को एक गुप्त स्थान पर किराए के मकान में रखा गया है। महिला आयोग खुद इस मामले की निगरानी कर रहा है ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की गई है, जिसमें परिजनों को पुनः अपना पक्ष रखने और सुलह का एक और मौका दिया जाएगा।