शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश में दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने पर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। मामले में पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव ने विधानसभा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किया है। उन्होंने सचिन बिरला एवं निर्मला सप्रे के उदाहरण देते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है।

बिरला और सप्रे मामले में सालों तक कार्रवाई नहीं हुई

सोशल मीडिया पर लिखा- वाह रे मप्र विधानसभा की न्याय व्यवस्था। पिछले कार्यकाल के दौरान भाजपा में गए सचिन बिरला और इस कार्यकाल में निर्मला सप्रे के मामले में सालों तक कोई कार्यवाही नहीं होती। लेकिन अब जैसे ही राज्यसभा चुनाव नजदीक आता है, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा और राजेंद्र भारती पर रात में विधानसभा सचिवालय खोलकर बिजली की रफ्तार से कार्रवाई हो जाती है।

सत्ता के इशारों से चलेगा?

उन्होंने सवाल उठाया- क्या विधानसभा का कानून अब न्याय से नहीं, बल्कि सत्ता के इशारों से चलेगा? जब कोर्ट ने ही राजेंद्र भारती जी को 60 दिन की अपील का समय दिया है, तो यह जल्दबाज़ी क्यों ? यह लोकतंत्र का गला घोंटने का कार्य किया है ।

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