भुवनेश्वर: पुरी में एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का ओडिशा का लंबे समय से देखा जा रहा सपना अब हकीकत के एक कदम और करीब आ गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने ‘श्री जगन्नाथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के निर्माण के लिए सैद्धांतिक तौर पर स्टेज-1 वन मंज़ूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट इस पवित्र शहर की कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदल देने की उम्मीद है।

यह मंज़ूरी, वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के तहत बनी सलाहकार समिति द्वारा ओडिशा के प्रस्ताव (संख्या FP/OR/Airport/426096/2023) की विस्तृत समीक्षा के बाद दी गई है। 27 फरवरी, 2026 को समिति ने मंज़ूरी की सिफारिश की थी, जिसे बाद में नई दिल्ली में सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित कर दिया गया। आधिकारिक पत्र में पुरी वन प्रभाग के तहत 27.887 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन (उपयोग परिवर्तन) की अनुमति की पुष्टि की गई है।

यह एयरपोर्ट एक बार चालू हो जाने के बाद, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भुवनेश्वर में उतरने के बजाय सीधे पुरी में उड़ान भरने की सुविधा देगा, जिससे पूजनीय जगन्नाथ मंदिर आने वाले लाखों लोगों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट को इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय से भी सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल चुकी है।

एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के तौर पर विकसित किया जा रहा ‘श्री जगन्नाथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ पर्यटन को बढ़ावा देने, वैश्विक पहुंच को बेहतर बनाने और पुरी की स्थिति को एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और मज़बूत करने की उम्मीद है।