मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर पिछले महीने हुए हमले को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं. एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस हमले में दूतावास को पहले बताए गए नुकसान से कहीं ज्यादा क्षति पहुंची थी. इस हमले के लिए पहले ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया था, लेकिन उसने तब भी इनकार किया था और अब ताजा रिपोर्ट के बाद एक बार फिर आरोपों को खारिज कर दिया है.

ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमले से साफ इनकार करते हुए इजरायल पर शक जताया है. ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पहले हुए ड्रोन हमले ने एंबेसी को भारी नुकसान पहुंचाया था.

3 मार्च को हुए इस हमले से जुड़ी रिपोर्ट ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में स्थित दूतावास पर दो ड्रोन हमले हुए थे. पहला ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर सीधे दूतावास परिसर में जा गिरा, जबकि दूसरा ड्रोन कुछ ही देर बाद उसी जगह टकराया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ.

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कहा है कि रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला ईरानी सेना ने नहीं किया. IRGC के मुताबिक, यह हमला “निश्चित रूप से इजरायल का काम” हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पहले ही अपने संभावित लक्ष्यों की लिस्ट जारी कर चुका है और यह हमला उस लिस्ट का हिस्सा नहीं था.

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला एक बड़ा संकेत है. अब अमेरिकी ठिकाने भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गए हैं. पूर्व CIA अधिकारी बर्नार्ड हडसन के मुताबिक, इस तरह के हमले यह दिखाते हैं कि हमलावर लंबी दूरी से सटीक निशाना साधने में सक्षम हैं.

यह हमला रात के समय हुआ था. हमले में इमारत की तीन मंजिलों को गंभीर नुकसान पहुंचा. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी CIA का स्टेशन भी इस हमले की चपेट में आया.

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में सऊदी अधिकारियों ने इस घटना को मामूली आग बताकर कम करके दिखाने की कोशिश की थी, रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि एक ड्रोन ने सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी शीर्ष राजनयिक के आवास को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी, जो दूतावास से कुछ ही दूरी पर है.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m