Odisha News : भुवनेश्वर. ओडिशा में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी पर कार्रवाई जारी है. घरेलू कुकिंग गैस की कालाबाजारी के खिलाफ निगरानी और सख्ती बढ़ाई जी रही है. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पूरे राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. इस अभियान के तहत, एलपीजी कनेक्शनों की डुप्लीकेसी और दुरुपयोग को रोकने के लिए अनिवार्य e-KYC सत्यापन शुरू किया गया है. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल असली उपभोक्ताओं को ही एक तय समय-सीमा के भीतर सिलेंडर मिलें, और साथ ही सप्लाई चेन में होने वाली गड़बड़ियों को भी रोका जा सके.

सरकार ने LPG की खुली बिक्री पर भी रोक लगा दी है, खासकर 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की बिक्री पर. सरकार का मानना है कि ऐसी प्रथाएं कालाबाज़ारी को बढ़ावा देने का मुख्य कारण हैं. अधिकारियों ने कहा कि इस प्रतिबंध से अनधिकृत लेन-देन को खत्म करने और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी.

खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने कहा कि सरकार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा, “हम कथित कालाबाज़ारियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं. हम कहीं भी कालाबाज़ारी की इजाज़त नहीं देंगे. गैस की सप्लाई सही तरीके से और पर्याप्त मात्रा में की जा रही है.”

उन्होंने आगे बताया कि सप्लाई की समय-सीमा को मानकीकृत कर दिया गया है; अब शहरी इलाकों में 25 दिनों के भीतर और ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों के भीतर गैस की डिलीवरी की जाएगी. उन्होंने कहा, “केवल उन्हीं लोगों को गैस मिलेगी जो बुकिंग करेंगे और अपना e-KYC पूरा करेंगे. इसे सड़कों के किनारे या बाज़ारों में खुलेआम नहीं बेचा जाएगा.”

अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि LPG, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है, और नागरिकों से अपील की कि वे घबराकर ज़रूरत से ज़्यादा खरीदारी न करें.