अमित पांडेय, डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ थाना से जुड़े कथित लेन-देन के वायरल वीडियो मामले में पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई उस समय हुई जब मामले को लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद पूरे जिले में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया. वायरल वीडियो में थाना परिसर के भीतर एक एएसआई, जिन्हें रोहित खूंटे बताया जा रहा है, संदिग्ध परिस्थितियों में नजर आते हैं. वीडियो की शुरुआत में वे अपने मोबाइल फोन पर एक महिला की फोटो ज़ूम करके देखते दिखाई देते हैं. इसके बाद एक वर्दीधारी आरक्षक कथित रूप से नगदी लेकर जेब में रखता है. आगे के हिस्से में “मामला निपटाने” के नाम पर और पैसों की मांग करने के आरोप भी सामने आए हैं.

मामले के सामने आते ही जिले की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया. जारी आदेश के अनुसार, एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक को ड्यूटी के दौरान अनुचित आचरण और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में निलंबित किया गया है. दोनों को रक्षित केंद्र, राजनांदगांव अटैच किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. इस कार्रवाई के साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है.

अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि थाने के भीतर इस तरह की गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं और क्या थाना स्तर पर इसकी जानकारी थी या नहीं.फिलहाल, पुलिस विभाग की इस त्वरित कार्रवाई को “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर टिकी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस मामले में और कौन-कौन जिम्मेदार हैं.

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