उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम का सितम देखने को मिल रहा है. बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. इतना ही नहीं इस आफत की बारिश से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. शासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में हुई बेमौसम बारिश और आंधी तूफान से 20 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 12 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 33 पशु हानि भी हुई है.

मौसम विभाग के मुताबिक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते बीते मंगलवार से तेज हवा और बारिश का सिलसिला जारी है. बुधवार को भी पूरे प्रदेश में आंधी-पानी का असर देखने को मिला. विभाग के अनुसार आज यानी गुरुवार को भी कई जनपदों में ओलावृष्टि होने की संभावना है. जिसमें मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, अलीगढ़ और आसपास के इलाके में ओलावृष्टि की संभावना है.

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वहीं कई जनपदों में तेज हवाएं चल सकती हैं. जिसमें गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड,बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर शामिल है.

बता दें कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके. मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को निर्देश दिया कि फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क करें और समन्वय बनाएं. सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्य भी समय से हो सके.