सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद ही दुखद खबर सामने आई है, जहां सड़क दुर्घटना में भारतीय सेना के एक जांबाज जवान की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, संग्रामपुर थाना क्षेत्र के मठिया गांव निवासी अशोक सिंह (35 वर्ष), जो भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे, की मौत एक सड़क हादसे में हो गई।

15 दिनों की छुट्टी पर आया था जवान

बताया जा रहा है कि वे अपने घर 15 दिनों की छुट्टी पर आए हुए थे। इसी दौरान संग्रामपुर के पास एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अशोक सिंह, स्वर्गीय अजीत सिंह के पुत्र थे। वर्ष 2016 में उनका विवाह हुआ था और उनके परिवार में पत्नी के अलावा 3 साल की एक मासूम बेटी है, जो अब पिता के साये से वंचित हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिया था वीरता का परिचय

बताया जाता है कि अशोक सिंह वर्ष 2011 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और अपनी कड़ी मेहनत व बहादुरी के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। वे सेना में ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनकी पोस्टिंग चंडीगढ़ और फिर फिरोजपुर में रही थी। परिजनों के अनुसार, उन्होंने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान भी अपनी वीरता का परिचय दिया था, जिसके चलते वे अपने साथियों और अधिकारियों के बीच काफी सम्मानित थे।

सरकार से उचित मुआवजे की मांग

मृतक अशोक सिंह एक सैन्य परंपरा वाले परिवार से आते थे। उनके दादा भी सेना में सूबेदार मेजर रह चुके हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम का माहौल है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है। देश की सेवा में समर्पित एक वीर जवान का इस तरह असमय चले जाना न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

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